शाकद्वीपीय ब्राह्मण समाज द्वारा होली मिलन समारोह एवं भगवान परशुराम जयंती शोभायात्रा को लेकर व्यापक चर्चा!

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/शाकद्वीपीय ब्राह्मण समाज द्वारा खगौल स्थित फाउंडेशन स्कूल परिसर में कल भव्य रूप से होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज के प्रबुद्धजनों, युवाओं एवं महिलाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। समारोह का उद्देश्य सामाजिक सौहार्द, सांस्कृतिक एकता तथा पारंपरिक मूल्यों के संरक्षण को सुदृढ़ करना रहा।

होली मिलन समारोह के दौरान समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें आगामी भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकालने को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि भगवान परशुराम जयंती को समाज एकता, सांस्कृतिक चेतना और सनातन परंपरा के गौरव के रूप में भव्य एवं अनुशासित ढंग से मनाएगा।


चर्चा के दौरान श्री प्रकाश मिश्रा जी ने कहा कि भगवान परशुराम भारतीय संस्कृति में शौर्य, धर्म, न्याय और तपस्या के प्रतीक हैं। उनकी जयंती पर निकाली जाने वाली शोभायात्रा समाज के युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने तथा सामाजिक चेतना को जागृत करने का सशक्त माध्यम बनेगी। श्री ब्रजेश मिश्रा ने कहा कि शोभायात्रा में धार्मिक झांकियां, वैदिक मंत्रोच्चार, पारंपरिक वेशभूषा एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया, एवं युवा भागीदारी पर चर्चा किया।
समारोह में सौरभ मिश्रा ने होली के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व आपसी भेदभाव मिटाकर प्रेम, भाईचारे और समरसता का संदेश देता है।
युवा समाज को संगठित रखते हुए सांस्कृतिक उत्सवों को सामूहिक रूप से मनाना आज के समय की आवश्यकता है। बैठक के अंत में श्रीधर पाण्डेय एवं विष्णु दत्त पाठक ने आयोजन समिति के गठन, कार्यक्रम की रूपरेखा, अनुशासन व्यवस्था तथा जनसंपर्क के विषय पर भी चर्चा की एवं समाज के वरिष्ठजनों सदस्यों से कार्यक्रम को ऐतिहासिक और प्रेरणादायी बनाने हेतु सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।
शाकद्वीपीय ब्राह्मण समाज ने स्पष्ट किया कि भगवान परशुराम जयंती पर प्रस्तावित शोभायात्रा शांतिपूर्ण, मर्यादित एवं सामाजिक समरसता के संदेश के साथ निकाली जाएगी, जिसमें समाज के साथ-साथ आमजन की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी।कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन सौरभ मिश्रा के द्वारा किया गया!



