
नवेंदु मिश्र
नई दिल्ली – नई दिल्ली में आयोजित “विकसित भारत 2047 के संकल्प पर माहेश्वरी समाज के राष्ट्रीय कॉन्क्लेव” में सहभागिता कर समाज के प्रबुद्ध जनों, उद्यमियों एवं युवा शक्ति के साथ विचार साझा करने का अवसर प्राप्त हुआ।
माहेश्वरी समाज ने सदैव यह सिद्ध किया है कि व्यापार केवल आर्थिक समृद्धि का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और लोककल्याण का भी सशक्त साधन है। सेवा, समर्पण, नैतिकता और उद्यमशीलता की समृद्ध परंपरा से प्रेरित यह समाज शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सरोकारों तथा जनकल्याण के विविध क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देता रहा है।
आज जब भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आत्मविश्वास के साथ अग्रसर है, तब नवाचार, तकनीक, स्टार्टअप, कौशल और सामाजिक उत्तरदायित्व की शक्ति को एक साथ लेकर आगे बढ़ना समय की आवश्यकता है। विकसित भारत 2047 का स्वप्न तभी साकार होगा जब विकास का प्रकाश समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे और प्रगति का लाभ प्रत्येक नागरिक को समान रूप से प्राप्त हो।
मुझे विश्वास है कि माहेश्वरी समाज की दूरदृष्टि, युवा शक्ति की ऊर्जा और सेवा की भावना आने वाले वर्षों में राष्ट्र की विकास यात्रा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सामूहिक संकल्प, परिश्रम और राष्ट्र प्रथम की भावना ही विकसित भारत के अमृतकाल की सबसे बड़ी शक्ति बनेगी।

