*विभाग संकल्पित है बदलाव के लिए, बदलाव की बयार में आपका सहयोग चाहिये: उपमुख्यमंत्री*

•भूमि से जुड़ी हर समस्या का समाधान संवाद से, बोधगया में भूमि सुधार जनकल्याण संवाद
•जनसंवाद के जरिये सरकार को जनसरोकार से जोड़ना है उद्देश्य
•राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की बड़ी पहल: ऑनलाइन सेवाओं, समयबद्ध परिमार्जन, मापी, दाखिल–खारिज और भ्रष्टाचार पर सख्ती का रोडमैप प्रस्तुत
सैनिकों और सुरक्षाकर्मियों के कार्यों का निपटारा प्राथमिकता के साथ करें राजस्व के अधिकारी
त्रिलोकी नाथ प्रसाद/बोधगया (गया) : भूमि से जुड़े मामलों में वर्षों से चली आ रही जटिलताओं, अनावश्यक देरी और आमजन की परेशानी को दूर करने के उद्देश्य से उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग श्री विजय कुमार सिन्हा द्वारा शुरू किया गया भूमि सुधार जनकल्याण संवाद अब असर दिखाने लगा है। गया जिले के बोधगया में आयोजित संवाद कार्यक्रम में यह साफ संदेश दिया गया कि इसका उद्देश्य भाषण देना नहीं, बल्कि जनता की बात सुनकर जमीन से जुड़े हर वास्तविक मुद्दे का समाधान सुनिश्चित करना है।
माननीय उपमुख्यमंत्री श्री सिन्हा ने इस दौरान संबोधित करते हुए कहा कि भूमि सुधार और भूमि विवाद विधिक तथा व्यवहारिक दोनों स्तरों पर अत्यंत जटिल विषय हैं। इसी कारण विभाग ने अपने कार्यकाल के पहले 100 दिनों में प्रमंडलवार एवं जिलावार जनसंवाद का निर्णय लिया है। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने की स्थिति में ऐसे आयोजन अंचल स्तर पर शुरू किए जाएंगे। इस कार्यक्रम से न केवल वास्तविक फीडबैक मिल रहा है, बल्कि समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा भी तय हो रही है। इसके फीडबैक से लगातार सुधारवादी कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने इस मौके पर कहा कि देश की सेवा करने वाले फौजियों और समाज की सेवा करने वालों पुलिस के जवानों के कामों को प्राथमिकता के आधार पर बिना समय सीमा के निपटारा करें।
•अब सभी सेवाएं केवल ऑनलाइन, अंचल कार्यालय के चक्कर की जरूरत नहीं
आम लोगों को उपमुख्यमंत्री श्री सिन्हा ने स्पष्ट रूप से बताया कि विभाग की सभी सेवाएं अब पूरी तरह ऑनलाइन हैं। जानकारी के अभाव में लोग अनावश्यक रूप से अंचल कार्यालयों के चक्कर लगाते हैं, जबकि बिहारभूमि पोर्टल के माध्यम से मोबाइल से ही सभी सेवाओं के लिए आवेदन किया जा सकता है। जिन लोगों को तकनीकी जानकारी नहीं है, उनके लिए प्रत्येक अंचल कार्यालय में सीएससी केंद्र खोले गए हैं, जहां प्रशिक्षित ऑपरेटर तय दर पर सेवाएं और सही सलाह उपलब्ध करा रहे हैं।
•पटना से शुरू हुआ संवाद, अब पूरे राज्य में असर
12 दिसंबर को पटना से शुरू हुए भूमि सुधार जनकल्याण संवाद के तहत अब तक लखीसराय, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, सहरसा और भागलपुर में संवाद किया जा चुका है। 31 जनवरी को दरभंगा में संवाद प्रस्तावित है। इन जिलों में दाखिल–खारिज, परिमार्जन और मापी के मामलों में तेजी आई है।
•परिमार्जन प्लस : पहली बार तय हुई समय सीमा
उन्होंने कहा कि 14 दिसंबर को परिमार्जन प्लस के मामलों में स्पष्ट समय सीमा तय की गई। नाम, पिता का नाम, रकबा जैसी लिपिकीय त्रुटियों में सुधार को 15 कार्य दिवस, खाता, खेसरा, लगान व तकनीकी त्रुटियों में सुधार 35 कार्य दिवस तथा विशेष व जटिल मामले अधिकतम 75 कार्य दिवस में समाधान की व्यवस्था की गई है। वहीं एससी–एसटी पर्चाधारियों को दखल दिलाने के लिए ‘ऑपरेशन भूमि दखल देहानी’ की शुरुआत 16 दिसंबर से की गई है।
•नई व्यवस्थाएं, नई सुविधाएं
शहरी क्षेत्रों में वंशावली निर्गत करने की जिम्मेदारी अंचलाधिकारियों को दी गई है। पारिवारिक बंटवारा पोर्टल से एक साथ बंटवारा और दाखिल–खारिज करने की व्यवस्था शुरू कर दी गई है।
राजस्व अभिलेखों की सत्यापित नकल केवल ऑनलाइन दी जा रही है। डिजिटल हस्ताक्षरित प्रति को वैधानिक मान्यता है।
इसके साथ ही समान मामलों में समान निर्णय के लिए ‘समता के सिद्धांत’ का अनुपालन करने को सभी जिला समाहर्ता को पत्र भेजा गया है।
जाली दस्तावेजों पर अनिवार्य प्राथमिकी का निर्देश अंचल अधिकारी को जारी कर दिया गया है। अब तक दर्जन भर से अधिक केस दर्ज किये जा चुके हैं।
•मापी की नई व्यवस्था की मुख्यमंत्री ने भी की प्रशंसा
माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के सात निश्चय 3 के तहत अब अविवादित जमीन की मापी 7 दिन और विवादित जमीन की मापी 11 दिन में होगी। 14 दिन में मापी प्रतिवेदन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। सात निश्चय–3 के तहत ही प्रत्येक राजस्व कार्यालय में सोमवार और शुक्रवार को जनसुनवाई शुरू हो चुकी है। आपत्ति रहित दाखिल–खारिज मामलों को 14 दिन में निष्पादित करने का निर्देश दिया गया है।
•कॉल सेन्टर, कैथी लिपि समाधान और जनता दरबार
1800 3456 215 नंबर से संचालित कॉल सेन्टर पर शिकायत दर्ज कराने पर रिकॉर्ड में कार्रवाई सुनिश्चित होती है। फोन नहीं उठने की शिकायत पर 22 जनवरी को औचक जांच कर व्यवस्था दुरुस्त की गई। इसलिए सभी कोई कॉल सेन्टर पर शिकायत दर्ज कराएं। यह जन शिकायत पोर्टल से जुड़ा हुआ है और सबकी मॉनिटरिंग की जाती है।
माननीय उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भविष्य में आवश्यक्तानुसार कॉल सेन्टर की क्षमता बढ़ाने के साथ अतिरिक्त नंबर भी जारी करने की तैयारी की जा रही है।
कैथी लिपि में पुराने दस्तावेजों की समस्या के समाधान के लिए 31 विशेषज्ञों का पैनल बनाया गया है, जो तय दर पर अनुवाद करेंगे। इससे आमलोगों की बडी समस्या का समाधान हो सकेगा।अब हर शनिवार थाना की जगह अंचल कार्यालय में जनता दरबार लगेगा, जिसमें थाना प्रभारी स्वयं मौजूद रहेंगे।
•भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेन्स, सख्त कार्रवाई का संदेश
माननीय उपमुख्यमंत्री श्री सिन्हा ने कहा कि विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। मसौढ़ी और अररिया में रिश्वतखोरी के मामलों में त्वरित कार्रवाई कर कर्मचारियों को बर्खास्त और निलंबित किया गया है।
इससे पहले माननीय उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने कन्वेंशन सेन्टर में जनकल्याण संवाद का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। इस मौके पर प्रधान सचिव श्री सीके अनिल, सचिव श्री जय सिंह, विशेष सचिव श्री अरुण कुमार सिंह, अपर सचिव श्री आजीव वत्सराज, मगध की प्रमंडलीय आयुक्त श्रीमती एन सफीना, गया के डीएम श्री शशांक शुभंकर, डीएम श्री सुशील कुमार, एडीएम श्री परितोष कुमार, उपनिदेशक श्रीमती मोना झा, ओएसडी श्री अनुपम प्रकाश, सहायक निदेशक सह जनसंपर्क पदाधिकारी सुश्री जूही कुमारी, आईटी मैनेजर श्री आनंद शंकर समेत अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं उपस्थित रहे।


