किशनगंज : फाइलेरिया लाइलाज, पर आत्म-देखभाल से नियंत्रित संभव
पीएचसी टेढ़ागाछ में एमएमडीपी किट वितरण, 17 मरीजों को मिली राहत, 21 दिव्यांगजनों को सौंपे गए प्रमाण-पत्र

किशनगंज,05जनवरी(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, फाइलेरिया एक गंभीर लेकिन उपेक्षित बीमारी है, जो मच्छरों के माध्यम से फैलती है और समय के साथ व्यक्ति को शारीरिक रूप से कमजोर व सामाजिक रूप से अलग-थलग कर देती है। यह बीमारी भले ही पूर्णतः लाइलाज हो, लेकिन नियमित स्वच्छता, आत्म-देखभाल और मॉर्बिडिटी मैनेजमेंट एंड डिसएबिलिटी प्रिवेंशन (एमएमडीपी) किट के सही उपयोग से इसके प्रभाव को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। इसी उद्देश्य से सोमवार को पीएचसी टेढ़ागाछ में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में बहादुरगंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक तौसीफ आलम की उपस्थिति में 17 फाइलेरिया प्रभावित मरीजों को एमएमडीपी किट प्रदान की गई। किट में साबुन, एंटीसेप्टिक क्रीम, तौलिया, टब, मग सहित स्वच्छता एवं आत्म-देखभाल से जुड़ी आवश्यक सामग्री शामिल थी। विधायक ने कहा कि फाइलेरिया मरीजों को केवल दवा ही नहीं, बल्कि सही मार्गदर्शन और सम्मानजनक देखभाल की भी जरूरत होती है। एमएमडीपी किट मरीजों को आत्मनिर्भर बनाकर सामान्य जीवन की ओर लौटने का भरोसा देती है।
कार्यक्रम के दौरान 21 दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया गया। बीएचएम अजय साह ने बताया कि प्रमाण-पत्र मिलने से दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में सहूलियत होगी। लाभार्थियों ने इसे अपने जीवन में महत्वपूर्ण कदम बताया।
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि फाइलेरिया भले ही लाइलाज हो, लेकिन आत्म-देखभाल, स्वच्छता और सामुदायिक जागरूकता से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल ऑफिसर डॉ. मंजर आलम ने बताया कि फाइलेरिया को ‘साइलेंट डिजीज’ कहा जाता है, क्योंकि इसके लक्षण वर्षों बाद सामने आते हैं, लेकिन नियमित देखभाल से बीमारी आगे नहीं बढ़ती।
कार्यक्रम के अंत में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार ने लाभार्थियों को एमएमडीपी किट के सही उपयोग, दैनिक स्वच्छता और व्यायाम के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जागरूकता और आत्म-देखभाल ही फाइलेरिया नियंत्रण का सबसे प्रभावी उपाय है।
इस अवसर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी अजय कुमार, अंचल अधिकारी एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, टेढ़ागाछ सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।


