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मानव श्रृंखला के दौरान हुई 11 प्रमुख घटनाएं वही नशाबंदी का लिया महासंकल्प…
बिहार में विश्व की सबसे लंबी मानव श्रृंखला का निर्माण हुआ।सेटेलाइट से इसकी फोटोग्राफी भी हुई।इस दौरान कुछ घटनाएं भी हुईं।आईए जानते हैं बिहार में मानव श्रृंखला के दौरान हुई दस बड़ी घटनाएं।मानव श्रृंखला के दौरान कई छात्रों के बेहोश होने,एक छात्रा के मौत और कई छात्राओं के घायल होने की सूचना है।घड़ी की सुइयों ने जैसे ही दोपहर के 12:15 बजाया,वैसे ही हाथ से जुटे हाथ की कड़ी और मजबूत हो गयी।पूरे सूबे ने इसी के साथ इतिहास रच डाला।

मुख्यमंत्री से लेकर संतरी ही नहीं,बल्कि आम आदमी तक इस कड़ी में बंध गये।शराबबंदी के समर्थन में यह विश्व की सबसे लंबी मानव श्रृंखला बनी।इसकी शुरुआत राजधानी पटना से हुई और बेतिया से लेकर किशनगंज तक और गया से लेकर मधुबनी तक एक कड़ी में जुट गये।पूरे सूबे में लगभग दो करोड़ से अधिक लोगों ने दोपहर 1:00 बजे तक सब हाथ से हाथ जोड़ कर शराबबंदी और नशाबंदी का महासंकल्प लिया।साथ इस मैसेज भारत ही नहीं,बल्कि पूरे विश्व को दिया।मानव श्रृंखला का सबसे विहंगम नजारा खगड़िया जिला में देखने को मिला जहां पीपा पुल पर लोग हाथ से हाथ जोड़े शराबबंदी को समर्थन देते दिखे।

विश्व की सबसे लंबी 11292 किमी की इस मानव श्रृंखला की शुरुआत पटना के गांधी मैदान से हुई। लगभग साढ़े 11 बजे के आसपास मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से लेकर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद व उनके दोनों बेटे उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव तथा स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव गांधी मैदान पहुंच गये।उनके साथ ही बिहार सरकार के तमाम मंत्री यहां पहुंच गये।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद सुप्रीमा लालू प्रसाद एक साथ हाथ में हाथ डाले 45 मिनट तक निर्धारित समय तक खड़े रह कर मैसेज दिया कि वे सब पूर्ण नशाबंदी के पक्ष मेंं हैं।वे इसे हर हाल में पालन करेंगे।मुख्यमंत्री के दायें साइड में विजय चौधरी खड़े थे।इस ऐतिहासिक मानव श्रृंखला की शुरुआत पटना के गांधी मैदान में बैलून उड़ा कर मुख्यमंत्री ने की।पटना में केवल गांधी मैदान ही नहीं,बल्कि उससे जुड़े एग्जिबिशन रोड से कंकड़बाग तक ओवरब्रिज पर स्कूली बच्चों से लेकर आम आदमी तक हाथ में हाथ डाले खड़े थे।

नशामुक्ति के समर्थन में हर कोई खड़ा था।यह ऐतिहासिक पल केवल पटना की नहीं थी।यह सुखद व ऐतिहासिक क्षण सूबे के सभी 38 जिलों और 2 पुलिस जिलों नवगछिया व बगहा में भी देखने को मिला। दरभंगा, मोतिहारी, बेगूसराय, समस्तीपुर, बांका,भागलपुर, मुंगेर, जमुई से लेकर पूर्णिया, किशनगंज, मधुबनी हर जगह मेला की स्थिति थी।नशाबंदी और शराबबंदी के समर्थन को लेकर लोग उत्साहित नजर आ रहे थे।

