ठाकुरगंज : अवैध खनन और ओवरलोड ट्रैक्टरों से सड़कों की बदहाली, ग्रामीणों में आक्रोश
किशनगंज,31मई(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, ठाकुरगंज प्रखंड के पौआखाली एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध मिट्टी और बालू खनन का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है। बरसात का मौसम नजदीक आते ही ईंट भट्ठों के चालू सीजन का लाभ उठाने के लिए खनन माफिया सक्रिय हो गए हैं। क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मिट्टी एवं बालू का अवैध और अनियंत्रित खनन जारी है, जिससे ग्रामीण संपर्क मार्गों की स्थिति दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है।
सबसे अधिक प्रभावित तातपौवा पंचायत का क्वालडांगी जाने वाला मुख्य पक्का मार्ग बताया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार ओवरलोड ट्रैक्टरों के लगातार आवागमन से सड़क की सतह जगह-जगह से उखड़ गई है। सड़क पर बिछी अलकतरा की परतें टूट चुकी हैं और कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। स्थिति ऐसी हो गई है कि इस मार्ग पर पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि दिन-रात ओवरलोड ट्रैक्टरों का परिचालन जारी है, लेकिन इस पर रोक लगाने के लिए न तो प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम उठाया जा रहा है और न ही संबंधित विभाग द्वारा प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों की खामोशी और उदासीनता के कारण अवैध खनन में संलिप्त लोगों के हौसले बुलंद हैं, जबकि आम जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषकर दुपहिया वाहन चालक आए दिन सड़क पर बने गड्ढों के कारण दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि मानसून शुरू होने से पहले सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई और अवैध खनन व ओवरलोड ट्रैक्टरों के परिचालन पर रोक नहीं लगी, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं खनन विभाग के वरीय अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप करने, अवैध खनन पर रोक लगाने, ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई करने तथा क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण की मांग की है, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके और गांवों का संपर्क मुख्य बाजार एवं अनुमंडल मुख्यालय से बना रहे।



