उपेन्द्र कुशवाहा के पत्र पर प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा का पलटवार

सागर कुमार विशेष प्रतिनिधी की रिपोर्ट
उपेन्द्र कुशवाहा के पत्र पर प्रदेश अध्यक्ष श्री उमेश सिंह कुशवाहा का वक्तव्य
5 फरवरी 2023, पटना
जो स्वयं जदयू को कमजोर करने की ‘डील’ में जुटे, वही पार्टी को ‘बचाने’ की बात कर रहे: उमेश कुशवाहा
किसी अवसरवादी की मजाल नहीं कि जदयू की नींव की एक ईंट भी हिला दे: उमेश कुशवाहा
श्री उपेन्द्र कुशवाहा के पत्र पर प्रदेश अध्यक्ष श्री उमेश सिंह कुशवाहा का वक्तव्य
बिहार प्रदेश जदयू अध्यक्ष श्री उमेश सिंह कुशवाहा ने श्री उपेन्द्र कुशवाहा द्वारा जारी पत्र पर आश्चर्य व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने जिनके मान-सम्मान का इतना ख्याल रखा, वही दलीय मर्यादा का इस तरह उल्लंघन करेंगे, यह बात सहज विश्वास करने योग्य नहीं लगती। उन्होंने कहा कि हद तो यह है कि जो स्वयं जदयू को कमजोर करने की ‘डील’ में जुटे हैं, वही पार्टी को ‘बचाने’ की बात कर रहे हैं! जिन्हें जदयू का अस्तित्व खतरे में दिख रहा है, वे शायद यह भूल रहे हैं कि यह पार्टी श्री नीतीश कुमार जी के संघर्ष से उपजी है। किसी अवसरवादी की मजाल नहीं कि इसकी नींव की एक ईंट भी हिला दें।
उन्होंने आगे कहा कि जदयू का एक-एक कार्यकर्ता श्री नीतीश कुमार जी के संस्कार में ढला है, लेकिन श्री उपेन्द्र कुशवाहा ने इतने वर्षों में भी उनसे सार्वजनिक जीवन की मर्यादा का कोई पाठ नहीं सीख पाए। वे पार्टी के संयम और संस्कार की लगातार परीक्षा ले रहे हैं। वे शायद इस मुगालते में हैं कि पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता उनकी अनर्गल बातों में आ जाएंगे। पर सच यह है कि उनकी मंशा धरी की धरी रह जाएगी।
राजद के वरिष्ठ नेता व उपमुख्यमंत्री श्री तेजस्वी प्रसाद यादव जी स्पष्ट तौर पर कह चुके हैं कि राजद से जदयू की एक ही डील है और वो है भाजपा को हटाना। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह जी ने भी आज ट्वीट कर श्री उपेन्द्र कुशवाहा जी को बात को मनगढ़ंत करार दिया है। ऐसे में कहने को कुछ शेष नहीं रह जाता। फिर भी अगर पार्टी के जिम्मेदार पद पर बैठा व्यक्ति अपने स्वार्थ में अंधा होकर बैठक बुलाने और कार्यकर्ताओं को बरगलाने की कोशिश करे तो इसकी जितनी निंदा की जाय, वह कम होगी।
Jdu पार्टी कार्यालय में महान संत शिरोमणि, महान दार्शनिक, समाज सुधारक, कवि और भक्ति आंदोलन के नेतृत्वकर्ता गुरु रविदास जी की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की गयी
राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सांसद श्री राजीव रंजन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष श्री उमेश सिंह कुशवाहा, अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष पूर्व मंत्री श्री संतोष कुमार निराला, विधान पार्षद श्री रविन्द्र प्रसाद सिंह आदि ने अर्पित किये श्रद्धा सुमन
गुरु रविदास जी के आदर्शों व विचारों को मुख्यमंत्री सर जमीन पर उतारने का कर रहे काम: उमेश सिंह कुशवाहा
वंचित तबकों के सर्वांगीण उत्थान के लिए कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत कर संभावनाओं के खोले हैं नए द्वार
Jdu पार्टी कार्यालय में महान संत शिरोमणि, महान दार्शनिक, समाज सुधारक, कवि और भक्ति आंदोलन के नेतृत्वकर्ता गुरु रविदास जी की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित किया गया। उनके तैल्य चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालों में राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद श्री राजीव रंजन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष श्री उमेश सिंह कुशवाहा, अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष पूर्व मंत्री श्री संतोष कुमार निराला, विधान पार्षद श्री रविन्द्र प्रसाद सिंह, खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री विद्यानन्द विकल, पूर्व विधायक श्री अरुण मांझी, प्रदेश महासचिव श्री लोक प्रकाश सिंह, प्रदेश सचिव श्री वासुदेव कुशवाहा, प्रदेश सचिव श्री रणविजय सिंह एवं प्रदेश सचिव सुश्री विनीता स्टेफी पासवान, श्री दीपक रजक, श्री नवीश कुमार नवेंदु, श्री बंटी चंद्रवंशी, श्री शत्रुध्न पासवान, पटना जिला अध्यक्ष श्री अशोक सिंह, महानगर अध्यक्ष श्री आसिफ कमाल सहित बड़ी संख्या में पार्टी के नेतागण शामिल रहे।
बाद में पत्रकारों से बात करते हुए प्रदेश अध्यक्ष श्री उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि श्रद्धेय गुरु रविदास जी के जो आदर्श और विचार रहे हैं, आज उसको माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार सर जमीन पर उतारने का काम कर रहे हैं और यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। संत शिरोमणि रविदास जी ने मानवता एवं विश्व बंधुत्व के साथ-साथ सामाजिक समरसता के संवर्धन के लिए कार्य किया एवं विश्व समुदाय को एकता, अखंडता तथा भाईचारे का संदेश दिया था। उन्होंने अपनी रचनाओं से समाज में व्याप्त बुराइयों एवं कुरीतियों को दूर करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी उक्ति ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ आज भी जन-जन के मुंह पर है, वास्तव में यह कहावत मानव मूल्य और नैतिकता के महत्व पर बल देता है। मीराबाई ने भी उन्हें अपना आदर्श माना। इन्होंने सती प्रथा जैसी कुरीतियों को रोकने का संभवत प्रथम सार्थक प्रयास भी किया।
श्री उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि संत रविदास जी जात-पात के प्रबल विरोधी थे एवं सामाजिक समानता एवं समरसता की प्रेरणा देने वाले थे। वंचित व उपेक्षित समाज की चिंता करने वाले उनके विचारों का विश्लेषण करने और बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के कार्यों को देखने के बाद स्पस्ट होता है कि मुख्यमंत्री जी का न्याय के साथ विकास का पूरा सिद्धांत संत रविदास जी के विचारों पर आधारित है। समाज के वंचित तबकों के सर्वांगीण उत्थान के लिए नीतीश कुमार ने जो किया है, जितनी कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की है और संभावनाओं के जितने नए द्वार खोले हैं वैसा कोई युगपुरुष ही कर सकता है।
प्रशांत किशोर पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वो एजेंसी चलाते हैं उसे चलाएं, प्रचार प्रसार करने का रोजगार करते हैं करें। प्रशांत किशोर क्या हैं सभी उनको जानते हैं। जदयू राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, अंबेडकर, लोहिया, जेपी, जगदेव बाबू और कर्पूरी ठाकुर के विचारों, आदर्शों पर चलने वाली और उनलोगों ने जो सपना देखा था उसे आगे बढ़ाने का काम हमारी पार्टी और हमारे नेता कर रहे हैं।


