विश्व पर्यावरण दिवस पर कला एवं संस्कृति विभाग के संस्थानों में हुआ पौधारोपण
• भारतीय नृत्य कला मंदिर परिसर में किया गया पौधारोपण
• राज्यभर के संग्रहालयों, अकादमियों एवं संबद्ध संस्थानों में चलाया गया विशेष अभियान
• पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य का दिया गया संदेश
त्रिलोकी नाथ प्रसाद/पटना। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार के अधीन विभिन्न संस्थानों में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस क्रम में भारतीय नृत्य कला मंदिर, पटना परिसर में सांस्कृतिक कार्य निदेशालय की निदेशक श्रीमती रूबी (भा.प्र.से.) ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में श्रीमती रूबी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विभाग के अधीन राज्यभर के विभिन्न संग्रहालयों, अकादमियों, सांस्कृतिक संस्थानों एवं संबद्ध कार्यालयों में भी पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण बढ़ाने तथा प्रकृति के प्रति सामूहिक उत्तरदायित्व का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
कला एवं संस्कृति विभाग ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ प्राकृतिक विरासत का संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। प्रकृति और संस्कृति दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं तथा इनके संरक्षण से ही सतत विकास का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
इस अवसर पर बिहार संगीत अकादमी के संयुक्त सचिव श्री महमूद आलम, भारतीय नृत्य कला मंदिर की सचिव श्रीमती अमृता प्रीतम तथा जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. अजय कुमार सिंह सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


