श्रुति मिश्रा/जदयू प्रवक्ता नवल शर्मा ने कहा कि प्रशांत किशोर ‘ग्रैंड्यूर डिल्यूजन’ नामक मानसिक विकार से पीड़ित हैं। इसको ‘बड़प्पन का भ्रम’ भी कहते हैं । इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति स्वयं के महाज्ञानी होने, महान होने , महत्वपूर्ण होने और होशियार होने जैसे भ्रमों को पाल लेता है और उन्हीं भ्रमों में जीवन जीने लगता है। सीएम नीतीश कुमार जैसे विशाल व्यक्तित्व पर उनके हमलों को इसी संदर्भ में देखने की आवश्यकता है । अभी तक नीतिगत मुद्दों पर सरकार को घेरने में बुरी तरह असफल होने के बाद पीके नीतीश कुमार पर व्यक्तिगत हमलों पर उतर आए हैं। अपनी तथाकथित महानता के किस्से सुना सुना कर बाजार बनानेवाले पीके की लुटिया हाल में संपन्न उपचुनाव में बुरी तरह डूब चुकी है । अगले विधानसभा चुनाव में भी उन्हें अपना हश्र पता है। और पीके जिसे जनसुराज आंदोलन कहते हैं वह आईपैक के कर्मचारियों का समूह मात्र हैं जिसका बिहार के आम आवाम से कोई लेना देना नहीं है।
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