शिक्षकों के तबादले के लिए बनेगी नई नियमावली पूरी तरह ऑनलाइन होगी स्थानांतरण की प्रक्रिया गृह पंचायत के पास ही महिला शिक्षकों की होगी तैनाती शिक्षा मंत्री बोले – शिक्षकों के हित और कल्याण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध पारदर्शी और निष्पक्ष होगी स्थानांतरण प्रक्रिया
प्रेस विज्ञप्ति
त्रिलोकी नाथ प्रसाद/पटना। शिक्षा विभाग ने राज्य के प्रारंभिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों, प्रधान शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के स्थानांतरण को व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने के लिए ‘बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026’ बनाने का फैसला किया है। नियमावली लागू होने के बाद शिक्षकों का स्थानांतरण ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाएगा।
इस संबंध में शिक्षा मंत्री श्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बिहार सरकार शिक्षकों के हितों और कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नई नियमावली के माध्यम से स्थानांतरण प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और संवेदनशील बनाया जाएगा। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, दिव्यांगता, पति-पत्नी के एक ही स्थान पर पदस्थापन तथा अन्य पारिवारिक परिस्थितियों जैसे मानवीय पहलुओं को विशेष महत्व दिया गया है।
उन्होंने कहा कि जब शिक्षक संतुष्ट और सुरक्षित महसूस करेंगे, तभी वे विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा दे सकेंगे।
नई व्यवस्था के तहत महिला शिक्षकों को उनकी गृह पंचायत को छोड़कर उसी प्रखंड की निकटवर्ती पंचायत में पदस्थापन का अवसर मिलेगा। वहीं पुरुष शिक्षकों को गृह प्रखंड से अलग जिले के भीतर किसी निकटवर्ती प्रखंड में पदस्थापित किया जा सकेगा। साथ ही जिन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है, वहां आवश्यकता के अनुसार शिक्षकों की तैनाती की जाएगी, ताकि शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात बेहतर हो सके और पढ़ाई का स्तर मजबूत बने।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप बिहार सरकार शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए लगातार काम कर रही है। शिक्षकों के संतुलित और न्यायसंगत वितरण से राज्य के सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि यह नियमावली शिक्षकों के हित, विद्यार्थियों की जरूरत और विद्यालयों की आवश्यकताओं के बीच संतुलन स्थापित करेगी तथा स्थानांतरण प्रक्रिया को एक मजबूत नीतिगत आधार प्रदान करेगी।
उल्लेखनीय है कि नियमावली अधिसूचित होने के बाद स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित होगी। शिक्षकों की वास्तविक समस्याओं और व्यक्तिगत परिस्थितियों पर विचार करने के बाद ही स्थानांतरण संबंधी निर्णय लिए जाएंगे, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
