किशनगंज : युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने में तेजी लाएं, बैंकों में लंबित ऋण आवेदनों का करें समयबद्ध निष्पादन

किशनगंज, 21 अगस्त (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, जिले में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने, सूक्ष्म उद्योगों को बढ़ावा देने और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने को लेकर जिलाधिकारी नवीन कुमार ने शुक्रवार को उद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में डीएम ने विशेष रूप से किशनगंज में पाइनएप्पल प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने के लिए ठोस प्लानिंग तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि जिले में उपलब्ध स्थानीय संसाधनों और युवाओं की उद्यमशीलता को जोड़कर रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। इसके लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्ययोजना तैयार करें।
डीएम ने विभिन्न स्वरोजगार एवं उद्योग आधारित योजनाओं के तहत बैंकों में लंबित ऋण आवेदनों की भी समीक्षा की। उन्होंने बैंकों को लंबित आवेदनों का समयबद्ध तरीके से निष्पादन करने का निर्देश दिया। कहा कि इच्छुक व पात्र उद्यमियों, पारंपरिक कारीगरों और नवाचार की सोच रखने वाले युवाओं को सरकारी योजनाओं का वित्तीय लाभ पारदर्शी और सुगम तरीके से उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में बिहार स्टार्टअप नीति, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी), पीएम सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) और पीएम विश्वकर्मा योजना की प्रगति पर चर्चा हुई। बिहार स्टार्टअप नीति के तहत चयनित स्टार्टअप को बिना ब्याज के 25 लाख रुपये तक सीड फंड उपलब्ध कराया जाता है। पीएमईजीपी में विनिर्माण क्षेत्र के लिए 50 लाख और सेवा क्षेत्र के लिए 20 लाख रुपये तक ऋण का प्रावधान है।
पीएमएफएमई के तहत खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को परियोजना लागत का 35 प्रतिशत, अधिकतम 10 लाख रुपये तक क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी दी जाती है। वहीं पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत पारंपरिक कारीगरों को प्रशिक्षण, टूलकिट प्रोत्साहन तथा पांच प्रतिशत रियायती ब्याज पर तीन लाख रुपये तक ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
बैठक में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक सचिन कुमार ने विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन और लक्ष्य प्राप्ति की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान परियोजना प्रबंधक धनंजय कुमार, स्टार्टअप सेल के जिला समन्वयक मो. माहिन रजा, उद्योग विस्तार पदाधिकारी सुजीत कुमार कामत, गोविंद कुमार झा सहित सभी जिला संसाधन सेवी मौजूद रहे।



