*दो DSP पर गिरने वाली है गाज: सरकार सख्ती के मूड में, हो सकती है बर्खास्तगी, जानिए क्या है पूरा मामला…*

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राहुल कुमार राय रांची: झारखंड की दो डीएसपी की मुश्किलें बढ़ने वाली है। दोनों के खिलाफ राज्य सरकार ने मुकदमा चलाने की स्वीकृति दे दी है। जिन दो डीएसपी के खिलाफ जांच होनी है उनमें मजरुल होदा और पवन कुमार के नाम शामिल है। वर्तमान में डीएसपी मजरुल होदा आईआरबी में तो पवन कुमार बोकारो डीआईजी के कार्यालय में पोस्टेड है। इन दोनों आरोपी डीएसपी के खिलाफ सस्पेंशन की कार्रवाई कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। खास बात यह है कि अभियोजन के दौरान कोर्ट में आरोप साबित होने पर दोनों डीएसपी की नौकरी भी जा सकती है।

*क्या है मामला*
धनबाद के हरिहरपुर थाना क्षेत्र में 13 जून 2016 की रात एक घटना घटी थी। तब तत्कालीन डीएसपी मजरुल होदा बाघमारा और तत्कालीन हरिहरपुर थानेदार संतोष रजक सादे लिबास में चेकिंग अभियान चला रहे थे। इसी बीच चमड़ा लदे एक ट्रक को रोकने की कोशिश की गई। लेकिन ट्रक चालक मोहम्मद नाजिम ने ट्रक की रफ्तार और बढ़ा दी। सीआईडी की चार्जशीट के मुताबिक डीएसपी समेत अन्य पुलिस पदाधिकारियों ने ट्रक का पीछा कर ड्राइवर को गोली मार दी थी।

घायल हालत में ट्रक चालक ने इलाज के दौरान बयान दिया था कि उसे नहीं मालूम था कि पुलिस वाले चेकिंग कर रहे हैं, क्योंकि वह सादे लिबास में थे। उसे लगा कि अपराधी रोकने की कोशिश कर रहे इसी डर से उसने नजदीकी पुलिस स्टेशन तक पहुंचने के लिए ट्रक की रफ्तार बढ़ा दी। दूसरी तरफ पुलिस अधिकारियों ने गोली मारने के बाद एक पिस्टल कुछ कारतूस जब्त दिखाते हुए बताया कि ट्रक चालक और अन्य ने मिलकर पुलिस पर फायरिंग की थी।

आपको बता दें कि इसी मामले में तोपचाची के पूर्व थानेदार उमेश कश्यप ने आत्महत्या कर ली। उनकी भाभी नंदी कच्छप ने धनबाद कोर्ट में धनबाद के तत्कालीन एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा बाघमारा के तत्कालीन डीएसपी मजरुल होदा हरिहरपुर के तत्कालीन थाना प्रभारी संतोष रजक और तोपचांची के तत्कालीन इंस्पेक्टर डीके मिश्रा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराया था। उनका आरोप था कि ट्रक ड्राइवर पर फायरिंग की घटना को राजगंज थाना क्षेत्र के बजाय तोपचांची में दिखाया जा रहा था। हालांकि बाद में धनबाद कोर्ट ने शिकायत को खारिज कर दिया था। खास बात यह है कि थानेदार उमेश कश्यप का फंदे से झूलता शव बरामद होने के बाद जमकर बवाल हुआ था। इस मामले में डीएसपी मजरुल होदा इंपेक्टर धीरेंद्र मिश्रा और राजगढ़ थानेदार संतोष रजक सस्पेंड किए गए थे। इसी मामले में थानेदार संतोष रजक पुलिस सेवा से बर्खास्त किए गए थे।

डीएसपी पवन कुमार का मामला रांची के बुंडू से जुड़ा हुआ है। बुंडू के आदर्श नगर में रहने वाले रूपेश कुमार को पुलिस ने 7 जुलाई 2016 को कपड़ा दुकान से पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। इस दौरान उसकी जमकर पिटाई की गई थी। इसी क्रम में 8 जुलाई 2016 को उसकी मौत हो गई थी। सीआईडी ने अपनी जांच में डीएसपी पवन कुमार समेत उन पुलिसकर्मियों को दोषी पाया था। इस मामले में तत्कालीन थानेदार पंकज कुमार तिवारी, अशोक कुमार और बॉडीगार्ड रितेश कुमार पर चार्जशीट दायर किया था। अब डीएसपी पवन कुमार के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति संबंधी आदेश कोर्ट में जमा करने के बाद उन पर भी मुकदमा चलाने का रास्ता साफ हो गया है।