किशनगंज : मलेशिया में 20-25 युवकों की गिरफ्तारी का दावा, सात माह पहले भेजे गए युवकों से जुड़ा मामला

किशनगंज, 08 सितंबर (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, रौटा थाना क्षेत्र के काछटोला, शीशाबाड़ी निवासी एक युवक समेत करीब 20-25 भारतीय युवकों को मलेशिया में पुलिस और इमिग्रेशन विभाग द्वारा गिरफ्तार किए जाने का दावा किया गया है। इस संबंध में मलेशिया से भेजे गए एक वीडियो के बाद मामला सामने आया है। हालांकि, गिरफ्तारियों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
जानकारी के अनुसार, जिन युवकों की गिरफ्तारी की बात कही जा रही है, उनमें नासिक बाबू नामक युवक भी शामिल है। दावा है कि ये सभी करीब 40 युवकों के उस समूह का हिस्सा हैं, जिन्हें लगभग सात माह पहले नाहिद गनी के माध्यम से मलेशिया भेजा गया था। आरोप है कि युवकों से विदेश भेजने के नाम पर मोटी रकम ली गई थी।
वीडियो में दावा किया गया है कि मलेशिया में बिना वैध वीजा के काम करने के आरोप में युवकों को हिरासत में लिया गया है। इससे पहले करीब पांच दिन पूर्व इसी समूह के कुछ युवकों ने जंगल में छिपकर वीडियो कॉल के माध्यम से अपनी परेशानी बताई थी। बताया गया था कि इमिग्रेशन विभाग की कार्रवाई के डर से वे जंगल में छिपे हुए थे।
युवकों के परिजनों और मामले को उठाने वाले लोगों का आरोप है कि विदेश में रोजगार की उम्मीद में युवकों ने कर्ज लेकर रकम दी थी, लेकिन अब उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। मामले को लेकर युवकों को विदेश भेजने वाले व्यक्ति की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
वहीं, पूर्व विधायक कोचाधामन मुजाहिद आलम द्वारा कथित रूप से नाहिद गनी के खिलाफ आवाज उठाए जाने का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, पूरे मामले में लगाए जा रहे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अब युवकों के परिजन उनकी सुरक्षित वापसी और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। यदि मलेशिया में हुई गिरफ्तारी और युवकों को भेजने से जुड़े आरोपों की पुष्टि होती है, तो विदेश भेजने की प्रक्रिया में शामिल लोगों की भूमिका की जांच भी अहम होगी।


