पंडित राजकुमार शुक्ल को भारत रत्न दिलाएगी केंद्र सरकार: अश्विनी चौबे

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पंडित राजकुमार शुक्ल को भारत रत्न दिलाएगी केंद्र सरकार: अश्विनी चौबे

राजधानी के किसी चौराहे पर लगे राजकुमार शुक्ल की प्रतिमा: राजेश भट्ट

पटना 23 अगस्त 2022।। केंद्रीय खाद्य उपभोक्ता मामले के मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि पंडित राजकुमार शुक्ल ने ही महात्मा गांधी को महात्मा की उपाधि दी थी । उन्होंने किसानों की उपजाऊ जमीन को अंग्रेजों से बचाया था। जहां अंग्रेज लोग किसानों से जबरन नील की खेती करवाते थे। केंद्रीय मंत्री श्री चौबे स्थानीय विद्यापति भवन में पंडित राजकुमार शुक्ल स्मृति संस्थान के तत्वावधान में आयोजित पंडित राजकुमार शुक्ल की 147 वी जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। इसमें इस मौके पर आगत अतिथियों ने पंडित राजकुमार शुक्ल के तैल चित्र पर माल्यार्पण किया और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि पंडित राजकुमार शुक्ल किसी पद के मोहताज नहीं थे उन्हें सम्मान देना देश का सम्मान होगा इसलिए पंडित राजकुमार को भारत रत्न की उपाधि दिलाने के लिए वह केंद्र सरकार से प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि पंडित राजकुमार शुक्ल स्मृति संस्थान के माध्यम से युवाओं में देशभक्ति का भाव जगाया जा रहा है जो सराहनीय कदम है। श्री चौबे ने कहा की जो पूर्वजों को याद करता है उन्हें पीढ़ी दर पीढ़ी याद करती है और पूर्वजों को भूलने वाले को कोई याद नहीं करता ।इस मौके पर पूर्व मंत्री विनोद नारायण झा ने कहा कि पंडित राजकुमार शुक्ल देश के आजादी के संघर्ष में अग्रणी भूमिका में रहने वाले महापुरुषों में से एक थे जिन्होंने चंपारण के किसानों को नील की खेती से मुक्त करा कर नई जिंदगी दी । कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए स्मृति संस्थान के केंद्रीय अध्यक्ष सुप्रभात का लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास राजेश कुमार भट्ट ने कहा कि आजादी के 75 साल बीत जाने के बाद भी चंपारण सत्याग्रह की याद यथावत है। महात्मा गांधी को महात्मा चंपारण सत्याग्रह ने ही बनाया था। पंडित राजकुमार शुक्ल ने कांग्रेस के लखनऊ के अधिवेशन में गांधी के कहने पर पहली बार चंपारण की व्यथा सुनाई थी चंपारण के किसान जो नील की खेती से व्यथित थे। पंडित राजकुमार शुक्ल के ही प्रयास से चंपारण कोर्ट में गांधी के समर्थन में 10,000 से अधिक लोग उपस्थित हो गए थे और अंग्रेजों को गांधी को जमानत देना पड़ा था। श्री भट्ट ने संस्थान की ओर से एक प्रस्ताव पारित किया कि पंडित राजकुमार शुक्ल को भारत रत्न दिलाने और राजधानी के किसी महत्वपूर्ण चौराहे पर उनकी आदमकद प्रतिमा लगाने तक संस्थान अभियान चलाती रहेगी। इस मौके पर विधान पार्षद संजय पासवान ने कहा कि पंडित राजकुमार शुक्ल किसी पहचान के मोहताज नहीं थे और उन्होंने विश्व स्तर पर चंपारण को पहचान दिलाई थी। कार्यक्रम में पंडित राजकुमार शुक्ल की नतनी वीणा देवी ने पंडित राजकुमार शुक्ल से जुड़े पहलुओं की चर्चा की। मौके पर आगत अतिथियों के स्वागत में सलाहकार शिवानी भट्ट ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया तथा आगत अतिथियों का स्वागत प्रदेश अध्यक्ष कमलेश भट्ट ने किया। कार्यक्रम का संचालन चंद्रशेखर आजाद व श्रीमती भारती रंजन रंजन ने किया। इस मौके पर गुड्डू बाबा, अमरीश कांत संध्या भट्ट डीके पाल अमरीश कुमार शशिकांत राजीव राय विपिन महाराज पवन महाराज अनिल तिवारी सुमित बाबा जितेंद्र शर्मा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे। कार्यक्रम में 4 क्षेत्रों से जुड़े लोगों को राजकुमार शुक्ल शिखर सम्मान से सम्मानित किया गया। जिनमें दो लोगों को यह सम्मान मरणोपरांत दिया गया। पंडित राजकुमार शुक्ल सम्मान से सामाजिक कार्य के लिए गुड्डू बाबा पंडित राजकुमार शुक्ल साहित्य शिखर सम्मान राजकुमार शुक्ला पुस्तक के लेखक राय प्रभाकर प्रसाद को साहित्य के क्षेत्र में मरणोपरांत संगीत के क्षेत्र में प्रख्यात आल्हा गायक देवनंदन सिंह को मरणोपरांत तथा पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 दशकों से पत्रकारिता के लिए काम करने वाले परशुराम शर्मा को सम्मानित किया गया।

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