बिहार गीत’ के रचयिता प्रसिद्ध कवि सत्यनारायण जी के निधन पर कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने जताया शोक

* बिहार गीत के रचयिता कवि सत्यनारायण जी के निधन को कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने बिहार के कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया
* कविता, गीत एवं साहित्य के माध्यम से बिहार की मिट्टी, संस्कृति और गौरव को शब्द देने वाले साहित्यकार को दी श्रद्धांजलि
* मंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोक-संतप्त परिजनों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना की
त्रिलोकी नाथ प्रसाद/पटना। बिहार गीत के रचयिता एवं प्रसिद्ध कवि-गीतकार सत्यनारायण जी के निधन पर माननीय कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि सत्यनारायण जी का निधन बिहार के साहित्य एवं सांस्कृतिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। बिहार गीत के माध्यम से उन्होंने राज्य की मिट्टी, संस्कृति, लोकजीवन और गौरव को स्वर और शब्द दिए। उनका यह योगदान बिहार की सांस्कृतिक स्मृति में सदैव याद रखा जाएगा।
कला एवं संस्कृति मंत्री ने कहा कि साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में सत्यनारायण जी का योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उनकी रचनाएं बिहार की कला, संस्कृति और लोक परंपराओं से लोगों को जोड़ने का कार्य करती रहेंगी।
डॉ. प्रमोद कुमार ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक-संतप्त परिजनों, साहित्य जगत एवं उनके शुभचिंतकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।

