किशनगंज : कृषि योजनाओं की समीक्षा, उर्वरक कालाबाजारी पर सख्ती के निर्देश
उर्वरक की कालाबाजारी पर सख्ती, सीमावर्ती दुकानों की होगी नियमित जांच

किशनगंज, 24 सितंबर (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, जिलाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला स्तरीय कृषि टास्क फोर्स की बैठक हुई। इसमें कृषि एवं कृषि से संबद्ध विभागों द्वारा संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की विभागवार समीक्षा की गई। डीएम ने अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करने तथा योजनाओं का लाभ पात्र किसानों और पशुपालकों तक पहुंचाने का निर्देश दिया।
बैठक में कृषि विभाग, आत्मा, उद्यान, गव्य विकास, पशुपालन, मत्स्य एवं कृषि अभियंत्रण सहित अन्य विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। डीएम ने योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही कठिनाइयों की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर
परंपरागत कृषि विकास योजना एवं प्राकृतिक खेती मिशन की समीक्षा के दौरान चयनित किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती की तकनीकों का प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया गया। किसानों को जैविक खाद, जैविक कीटनाशक और कम लागत में गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया। सफल जैविक एवं प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों के खेतों का अन्य किसानों को भ्रमण कराने का भी निर्देश दिया गया।
खाद की कालाबाजारी पर कार्रवाई
उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए डीएम ने किसानों को निर्धारित मूल्य पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। कालाबाजारी, जमाखोरी और अधिक कीमत पर बिक्री करने वालों के खिलाफ नियमित छापेमारी कर कार्रवाई करने को कहा गया। नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में उर्वरक दुकानों की विशेष जांच और लगातार निगरानी का निर्देश दिया गया।
फार्मर आईडी और कृषि यंत्रीकरण पर जोर
डीएम ने जिले के सभी रैयतदार किसानों की फार्मर रजिस्ट्री एवं फार्मर आईडी बनाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने को कहा। कृषि यांत्रिकरण योजना का प्रचार-प्रसार बढ़ाकर अधिक से अधिक किसानों से आवेदन कराने तथा अनुदान और पात्रता की जानकारी देने का निर्देश दिया गया।
पशुपालन विभाग की समीक्षा में सभी पशु चिकित्सकों के मासिक कार्यों का मूल्यांकन करने और पशुपालकों को समय पर चिकित्सा सेवा, परामर्श व योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने को कहा गया। बैठक में संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे।


