किशनगंज : उद्योग व स्टार्टअप योजनाओं को गति देने के निर्देश, बैंक में लंबित ऋण आवेदनों का जल्द होगा निष्पादन

किशनगंज, 24 सितंबर (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, जिलाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला उद्योग केंद्र की विभिन्न जनकल्याणकारी एवं स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने, सूक्ष्म उद्योगों को प्रोत्साहित करने तथा युवाओं को उद्यमिता और स्टार्टअप से जोड़ने पर चर्चा हुई।
जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक सचिन कुमार ने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति और लक्ष्य प्राप्ति की जानकारी डीएम को दी। इस दौरान योजनाओं के तहत उपलब्ध वित्तीय सहायता और लाभ लेने की प्रक्रिया से संबंधित बिंदुओं पर भी चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि बिहार स्टार्टअप नीति के तहत चयनित स्टार्टअप को नवाचार और नए व्यावसायिक विचारों को बढ़ावा देने के लिए बिना ब्याज के 25 लाख रुपये तक का सीड फंड उपलब्ध कराया जाता है। यह राशि दो चरणों में 15 लाख और 10 लाख रुपये तक दी जाती है।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत नए उद्योग स्थापित करने के लिए विनिर्माण क्षेत्र में 50 लाख और सेवा क्षेत्र में 20 लाख रुपये तक के बैंक ऋण का प्रावधान है। इसमें 15 से 35 प्रतिशत तक सरकारी अनुदान दिया जाता है। पीएम सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के तहत खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के उन्नयन और नई इकाइयों की स्थापना के लिए परियोजना लागत का 35 प्रतिशत, अधिकतम 10 लाख रुपये तक क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी का प्रावधान है।
पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत पारंपरिक 18 व्यवसायों से जुड़े कारीगरों और शिल्पकारों को कौशल प्रशिक्षण, टूलकिट प्रोत्साहन तथा पांच प्रतिशत रियायती ब्याज पर तीन लाख रुपये तक का बिना गारंटी ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
डीएम ने योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा करते हुए बैंकों में लंबित ऋण आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पात्र उद्यमियों, पारंपरिक कारीगरों और नवाचारी युवाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और सुगम तरीके से उपलब्ध कराया जाए। बैठक में परियोजना प्रबंधक, उद्योग विस्तार पदाधिकारी और जिला संसाधन सेवक सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।



