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जमाबंदियों के शुद्धीकरण के लिए 45 दिन तक चलेगा अभियान, खाता-खेसरा-प्लॉट और नाम की त्रुटियां होंगी दूर : डॉ. दिलीप जायसवाल

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/पांच जिलों के 1000 से अधिक गांवों का शीघ्र होगा नोटिफिकेशन

पटना : राज्य में जमाबंदियों के शुद्धीकरण के लिए 45 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान में खाता, खेसरा, प्लॉट और रैयत के नाम में दर्ज त्रुटियों को दूर किया जाएगा। इस दौरान मापी की जरूरत पड़ने पर संबंधित भूमि की मुफ्त मापी भी कराई जाएगी। शुक्रवार को राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान, शास्त्रीनगर, पटना में अपर समाहर्ता (राजस्व) की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के माननीय मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने उपरोक्त बातें कहीं। उन्होंने कहा कि जो नागरिक अभी तक हमारे पास आते थे, अब हम उनके पास जाएंगे और उनकी जमाबंदी की गलतियों में सुधार करेंगे। उन्होंने कहा कि जमाबंदी में सुधार का दायित्व प्रत्येक अंचल के अंचल अधिकारियों का है।

माननीय मंत्री ने अधिकारियों को पिक एंड चूज़ की कार्यशैली छोड़कर सभी मामलों पर समान रूप से कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अंचल कार्यालय आने वाले लोगों से सीओ और आरओ बात करें और उनके मामले की स्थिति तथा आगे की प्रक्रिया स्पष्ट करें। अधिकारियों और नागरिकों के बीच कम्युनिकेशन गैप के कारण ही ऑफलाइन आवेदनों की संख्या बढ़ रही है। संवाद बेहतर होने से अंचल कार्यालयों में अनावश्यक भीड़ भी कम होगी।
अंचलों के कामकाज की गुणवत्ता पर मुख्यालय से प्रतिदिन नजर रखी जाएगी। इसके लिए अधिकारियों की टीम बनाई जाएगी, जो प्रभार वाले जिलों में निष्पादन की गुणवत्ता की मॉनिटरिंग करेगी। इससे डीसीएलआर और एडीएम पर निगरानी का दबाव कम होगा और सचिव को भी प्रतिदिन कार्यों की गुणवत्ता की जानकारी मिल सकेगी।

सरकारी भूमि का लैंड बैंक तैयार करने को सभी जिलों की महत्वपूर्ण जिम्मेवारी बताते हुए माननीय मंत्री ने कहा कि इसमें सभी प्रकार की सरकारी भूमि को शामिल किया जाए। भविष्य में उद्योगों और अन्य विकास कार्यों के लिए जमीन की जरूरत को देखते हुए सरकारी भूमि का अद्यतन रिकॉर्ड जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सर्वे कार्य के तहत अरवल, जहानाबाद, शेखपुरा, शिवहर और लखीसराय के एक हजार से अधिक गांवों का शीघ्र नोटिफिकेशन किया जाएगा। नोटिफिकेशन के तीन माह के भीतर एडीएम कोर्ट में अपील करने का प्रावधान दिया जायेगा। इसके लिए अलग सर्वे अपील सेल बनाया जाएगा।

नए सर्वे वाले जिलों में स्पेशियल म्यूटेशन शुरू होगा। इसमें जमीन के विवरण के साथ नक्शा भी उपलब्ध रहेगा। इससे भूमि की पहचान स्पष्ट होगी और भविष्य में विवाद की संभावना कम होगी।

सचिव श्री जय सिंह ने इस दौरान राजस्व कार्यों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण एजेंडों पर चर्चा की।
उन्होंने मौजा-वार जमाबंदी के शुद्धिकरण हेतु अभियान, 5 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल वाली सरकारी भूमि के भौतिक सत्यापन, सरकारी प्लॉट से संबंधित जमाबंदियों के सत्यापन, लॉक जमाबंदियों को अनलॉक करने तथा भू-अभिलेख पोर्टल पर प्राप्त अनुरोधों के विरुद्ध स्कैन किए गए दस्तावेजों को अपलोड करने पर चर्चा की।

इसके साथ ही राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली की कार्यप्रणाली, निबंधन से पूर्व अभिलेखों के सत्यापन, राजस्व महाअभियान के तहत प्राप्त आवेदनों के गुणवत्तापूर्ण निष्पादन, मृत रैयतों के मामलों में स्वतः संज्ञान से उत्तराधिकार/बंटवारा नामांतरण, नामांतरण आवेदन में गलत प्रश्नावली भरने तथा जाली एवं कूटरचित दस्तावेजों के मामलों में कार्रवाई पर भी बात हुई। इस दौरान कर्मचारियों की दैनिक डायरी एवं मोबाइल ऐप के माध्यम से के.सी. उपस्थिति, विवादित भूमि की मापी से संबंधित प्राप्त फीडबैक सहित अन्य राजस्व कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
बैठक में सचिव श्रीमती सीमा त्रिपाठी, सहायक निदेशक सह अपर सचिव श्री आजीव वत्सराज, उप निदेशक श्रीमती मोना झा, विशेष कार्य पदाधिकारी श्री नवाजिश अख्तर, श्री अनुपम प्रकाश, उप सचिव श्री अविनाश कुमार, सहायक निदेशक-सह-जनसंपर्क पदाधिकारी सुश्री जूही कुमारी, आईटी मैनेजर श्री आनंद शंकर, प्रशाखा पदाधिकारी श्री राजीव शंकर, श्री दीनदयाल राम सहित सभी जिलों के एडीएम उपस्थित थे।

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