किशनगंज : एएनसी जांच से सुरक्षित मातृत्व की शुरुआत, गृह प्रसव मुक्त पंचायत बनाने पर जोर

किशनगंज, 24 अगस्त (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने और पंचायतों को गृह प्रसव मुक्त बनाने के उद्देश्य से आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सामुदायिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में गर्भवती महिलाओं, उनके परिजनों, आशा कार्यकर्ताओं और समुदाय के सदस्यों को गर्भावस्था की शुरुआत से ही नियमित देखभाल, प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) और संस्थागत प्रसव के महत्व की जानकारी दी गई।
स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि गर्भवती महिला का समय पर पंजीकरण और निर्धारित समय पर एएनसी जांच कराना बेहद जरूरी है। इससे रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, एनीमिया और अन्य संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान की जा सकती है। महिलाओं को आवश्यक टीकाकरण, आयरन-फोलिक एसिड सहित जरूरी दवाओं के सेवन और संतुलित पोषण के प्रति भी जागरूक किया गया।
बैठक में गृह प्रसव रोकने और प्रत्येक प्रसव स्वास्थ्य संस्थान में कराने पर विशेष जोर दिया गया। बताया गया कि प्रसव के दौरान अचानक उत्पन्न होने वाली जटिलताओं का प्रबंधन घर पर संभव नहीं होता, जबकि स्वास्थ्य संस्थान में प्रशिक्षित कर्मियों और आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता रहती है।
जिलाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि सुरक्षित मातृत्व के लिए समुदाय की भागीदारी जरूरी है। प्रत्येक गर्भवती महिला को समय पर एएनसी जांच और प्रसव के लिए स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाना सामूहिक जिम्मेदारी है। गृह प्रसव मुक्त पंचायत का लक्ष्य केवल स्वास्थ्य विभाग का नहीं, बल्कि पूरे समुदाय की सहभागिता से पूरा होगा।
आशा कार्यकर्ताओं को गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण, नियमित जांच, प्रसव की संभावित तिथि के अनुसार परिवार को पहले से तैयारी कराने और उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान की जिम्मेदारी सौंपी गई।
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि सुरक्षित मातृत्व प्रसव तक सीमित नहीं है। गर्भावस्था से लेकर प्रसव और प्रसवोत्तर अवधि तक मां और नवजात की निरंतर देखभाल जरूरी है। बैठक में स्वास्थ्यकर्मियों ने महिलाओं की समस्याओं का समाधान करते हुए उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी भी दी।



