ठाकुरगंज : नवनिर्मित पंचायत सरकार भवन में दरार, मरम्मत पर उठे सवाल
ग्रामीणों ने कहा-पहले हो तकनीकी जांच, फिर कराई जाए मरम्मत

किशनगंज, 20 अगस्त (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, बन्दरझूला पंचायत में हाल ही में निर्माण पूरा हुए पंचायत सरकार भवन के विभिन्न हिस्सों में दरारें आने के बाद अब उसकी मरम्मत कराए जाने का मामला सामने आया है।ग्रामीणों के अनुसार भवन में आई दरारों की रिपेयरिंग का कार्य कराया जा रहा है।नवनिर्मित भवन में इतनी जल्दी मरम्मत की जरूरत पड़ने से निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि किसी नए सरकारी भवन में निर्माण पूरा होने के तुरंत बाद दरारें आना गंभीर विषय है। ऐसे में सीधे मरम्मत कराने के बजाय पहले भवन की तकनीकी एवं संरचनात्मक जांच कराई जानी चाहिए थी। जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि दरारें सामान्य प्रकृति की हैं या निर्माण सामग्री की गुणवत्ता अथवा संरचनात्मक मजबूती में कमी के कारण उत्पन्न हुई हैं।
नाम नहीं छापने की शर्त पर कुछ ग्रामीणों ने बताया कि भवन में आई दरारों की मरम्मत कराई जा रही है। ग्रामीणों का सवाल है कि बिना विस्तृत तकनीकी जांच के केवल दरारों को भर देने से भवन की वास्तविक समस्या का समाधान कैसे होगा। यदि दरारें निर्माण संबंधी खामी के कारण आई हैं तो केवल रिपेयरिंग के बाद भविष्य में दोबारा समस्या उत्पन्न होने की आशंका बनी रह सकती है।
इस मामले में आरटीआई एक्टिविस्ट एवं सीमांचल सेवा फाउंडेशन के संस्थापक हसीबुर रहमान ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र देकर मामले की शिकायत की है तथा संबंधित विभाग को भी इसकी प्रतिलिपि दी गई है। उन्होंने भवन की जांच के लिए उच्चस्तरीय टीम गठित करने की मांग की है। साथ ही भवन निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री का लैब टेस्ट कराने की भी मांग की गई है।
हसीबुर रहमान ने आरोप लगाया कि सरकारी राशि से बने भवन में इतनी जल्दी दरार आना गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में निर्माण गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
हालांकि, भवन में दरार आने के वास्तविक कारण और निर्माण गुणवत्ता पर अंतिम निष्कर्ष सक्षम तकनीकी जांच के बाद ही निकाला जा सकता है। ऐसे में अब ग्रामीणों की नजर जांच और संबंधित विभाग की कार्रवाई पर टिकी है।



