सहरसा : सिमरी बख्तियारपुर में 80 लाख की लागत से बन रहे छठ घाट निर्माण पर अनियमितता का आरोप, जांच की मांग

सहरसा, 06 अगस्त (के.स.)। डेस्क, नगर परिषद सिमरी बख्तियारपुर के वार्ड संख्या-14 में लगभग 80 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन छठ घाट एवं सीढ़ी निर्माण कार्य में भारी अनियमितता और प्राक्कलन के विपरीत कार्य किए जाने का आरोप लगाते हुए राजद के नगर अध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने बिहार सरकार से उच्चस्तरीय तकनीकी जांच की मांग की है। उन्होंने दोषी संवेदक एवं संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
सुरेंद्र यादव ने सरकार को भेजे गए शिकायत पत्र में कहा है कि नगर परिषद द्वारा रंगीनियां स्थित वार्ड संख्या-14 में कराए जा रहे निर्माण कार्य में विभागीय कार्यादेश की शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है। उनके अनुसार, कार्यादेश के बिंदु संख्या-13 में स्पष्ट रूप से टाटा, श्याम, सेल और विजाग ब्रांड के स्टील के उपयोग का प्रावधान है, लेकिन संवेदक द्वारा कथित तौर पर स्थानीय निम्न गुणवत्ता वाले मगध ब्रांड के स्टील का इस्तेमाल किया जा रहा है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि निर्माण कार्य स्वीकृत प्राक्कलन एवं संरचनात्मक डिजाइन के अनुरूप नहीं हो रहा है। जहां परियोजना में लगभग 22 टन स्टील के उपयोग का प्रावधान है, वहां आवश्यकता से काफी कम स्टील लगाकर निर्माण कार्य किए जाने का आरोप लगाया गया है। इससे निर्माण की गुणवत्ता और संरचना की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पत्र में यह भी कहा गया है कि नगर विकास एवं आवास विभाग के अधीक्षण अभियंता द्वारा 70 मीटर लंबा एवं 13.5 मीटर चौड़ा छठ घाट और सीढ़ी निर्माण के लिए लगभग 79 लाख रुपये की प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके बावजूद संवेदक तथा संबंधित अभियंताओं की मिलीभगत से कथित रूप से मानकों की अनदेखी कर कार्य कराया जा रहा है।
सुरेंद्र यादव ने दावा किया है कि भूजल स्तर वाले क्षेत्र में निर्माण शुरू करने से पहले पाइलिंग कार्य और स्वीकृत डिजाइन के अनुसार स्टील संरचना का सत्यापन आवश्यक होता है, लेकिन इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कर निर्माण कार्य को मानकों के अनुरूप कराने तथा दोषी संवेदक और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, इन आरोपों पर नगर परिषद या संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



