सहरसा : सिमरी बख्तियारपुर में बिना एकरारनामा तालाब जीर्णोद्धार का कार्य शुरू, गुणवत्ता पर उठे सवाल

सहरसा, 02 अगस्त (के.स.)। डेस्क, नगर परिषद सिमरी बख्तियारपुर में करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से पांच तालाबों के जीर्णोद्धार एवं सीढ़ी निर्माण कार्य में अनियमितता का मामला सामने आया है। आरोप है कि निविदा प्रक्रिया पूरी होने और संवेदकों के चयन के बावजूद बिना एकरारनामा (एग्रीमेंट) किए ही कार्य आवंटित कर कार्यादेश जारी कर दिया गया। इनमें वार्ड संख्या-14 स्थित रंगीनियां पोखर के जीर्णोद्धार एवं सीढ़ी निर्माण का कार्य भी शामिल है, जो पिछले कुछ दिनों से जारी है।
जानकारी के अनुसार, रंगीनियां पोखर के जीर्णोद्धार एवं सीढ़ी निर्माण कार्य की प्राक्कलित लागत 78 लाख 83 हजार 900 रुपये है। इस कार्य का संवेदक जुनैद अख्तर (गैलेक्सी कंप्यूटर, सहरसा) को बनाया गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य प्राक्कलन के विपरीत और गुणवत्ता मानकों की अनदेखी कर कराया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि कार्यस्थल पर योजना से संबंधित सूचना पट्ट भी नहीं लगाया गया है, जिससे आम लोगों को योजना की लागत, कार्य अवधि और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। उनका आरोप है कि सूचना पट्ट नहीं लगाए जाने से एकरारनामा संख्या जैसी जानकारियां भी सार्वजनिक नहीं हो सकी हैं।
आरोप है कि प्राक्कलन के अनुसार निर्माण कार्य शुरू करने से पहले तालाब का पानी निकालना था, जिसके लिए लगभग साढ़े चार लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके बाद निर्धारित मापदंडों के अनुसार मिट्टी की कटाई, पाइलिंग और बीम निर्माण का कार्य होना था। लेकिन बिना पानी निकाले ही ईंट सोलिंग का कार्य शुरू कर दिया गया, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि निर्धारित तकनीकी प्रक्रिया का पालन किए बिना मुंशी और मजदूरों के भरोसे मनमाने तरीके से कार्य कराया जा रहा है।
इस संबंध में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी राम विलास दास से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया। हालांकि कार्यालय में उनके नहीं मिलने तथा मोबाइल फोन पर कई बार संपर्क करने के बावजूद कॉल रिसीव नहीं होने के कारण उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।



