किशनगंज : विकास कार्य, कानून-व्यवस्था और कटाव रोकने की मांग को लेकर जिप सदस्य ने डीएम-एसपी को सौंपा ज्ञापन
'विकास राशि नहीं तो पदमुक्त करें', जिप सदस्य ई. नासिक नदीर ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
किशनगंज, 31 जुलाई (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, जिला परिषद क्षेत्र संख्या-10 कोचाधामन के सदस्य ई. नासिक नदीर ने शुक्रवार को जिलाधिकारी नवीन कुमार और पुलिस अधीक्षक को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं, कानून-व्यवस्था, अवैध कारोबार, बाढ़ व कटाव तथा विकास कार्यों से जुड़े मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
पुलिस अधीक्षक को दिए ज्ञापन में उन्होंने बहादुरगंज थाना क्षेत्र में हाल में छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और उसके बाद दर्ज कांड संख्या-460/2026 की निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका आरोप है कि बिना पर्याप्त जांच के कई स्थानीय जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और युवाओं के नाम प्राथमिकी में शामिल कर दिए गए हैं। उन्होंने मामले की पारदर्शी जांच के लिए विशेष जांच दल (एसटीएफ) गठित करने की मांग करते हुए कहा कि दोषियों पर कार्रवाई हो, जबकि निर्दोष लोगों के साथ न्याय सुनिश्चित किया जाए।
ज्ञापन में बहादुरगंज के एक निजी नर्सिंग होम में कथित लापरवाही से बच्ची की मौत के मामले का भी उल्लेख करते हुए जिले में संचालित अवैध नर्सिंग होम, पैथोलॉजी लैब और जांच केंद्रों की व्यापक जांच कर कार्रवाई करने की मांग की गई है।इसके अलावा मादक पदार्थों की तस्करी, चोरी, हत्या सहित बढ़ते अपराध पर अंकुश लगाने तथा पशु, सोना-चांदी, फल एवं अन्य सामान की अवैध ‘एंट्री’ कराने वाले गिरोहों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का आग्रह किया गया।
जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में जिप सदस्य ने पाटकोई कला, डेरामारी, बगलबाड़ी और कुट्टी पंचायत में मेची, महानंदा और डोंक नदी से हो रहे लगातार कटाव पर चिंता जताई। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण कर कटावरोधी बांध का निर्माण कराने और लंबे समय से लंबित महानंदा बेसिन परियोजना के कार्यों में तेजी लाने की मांग की।
ई. नासिक नदीर ने क्षेत्र में पिछले आठ महीनों से जिला परिषद अंश से कोई विकास कार्य नहीं होने पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण विकास योजनाएं ठप हैं, जिससे जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना कठिन हो गया है। उन्होंने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्य सरकार से विकास मद की राशि शीघ्र जारी करने की मांग की। साथ ही कहा कि यदि विकास कार्यों के लिए राशि उपलब्ध कराना संभव नहीं है, तो उन्हें पदमुक्त कर दिया जाए।



