1,042 नए सहायक आचार्यों को मिला नियुक्ति पत्र, मुख्यमंत्री बोले- शिक्षक ही बनाएंगे झारखंड का भविष्य

रांची, 29 जून। झारखंड सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सोमवार को रांची के टाना भगत इंडोर स्टेडियम, खेलगांव में 1,042 नव चयनित इंटर एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र सौंपा। इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत कक्षा 6 से 12 तक के शिक्षकों के लिए कंटीन्यूअस प्रोफेशनल डेवलपमेंट (CPD) प्रशिक्षण कार्यक्रम का ऑनलाइन शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों के कंधों पर राज्य की नई पीढ़ी का भविष्य बनाने की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पढ़ाने का काम नहीं करेंगे, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व और राज्य के बौद्धिक विकास में भी अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने नव नियुक्त शिक्षकों से ईमानदारी और पूरी निष्ठा के साथ काम करने की अपील करते हुए कहा कि खासकर ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बच्चों के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय योजना से सरकारी स्कूलों में लोगों का भरोसा बढ़ा है। इन स्कूलों में प्रवेश के लिए पहले से कहीं अधिक आवेदन आ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस नियुक्ति में बड़ी संख्या में विज्ञान विषय के शिक्षकों की बहाली हुई है, जिससे सरकारी स्कूलों में विज्ञान शिक्षा को मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान नव नियुक्त सहायक आचार्यों ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया और पूरी ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारियां निभाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, नव नियुक्त सहायक आचार्य और उनके परिजन मौजूद रहे।
