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किशनगंज : सीमा पार संगठित अपराध पर शिकंजा, किशनगंज पुलिस की त्रिस्तरीय रणनीति लागू

किशनगंज, 29 जून (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, नेपाल और पश्चिम बंगाल की सीमा से बिहार में होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी, पशु तस्करी, अवैध शराब, फर्जी जीएसटी के जरिए वाहनों की एंट्री तथा अन्य संगठित अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए किशनगंज पुलिस ने त्रिस्तरीय रणनीति लागू की है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के निर्देश पर गठित बॉर्डर मॉनिटरिंग सेल (बीएमसी), स्पेशल इंटेलिजेंस एंड रेडिंग टीम (एसआईआरटी) तथा एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) समन्वित तरीके से अलग-अलग मोर्चों पर कार्रवाई कर रही हैं।

सीमावर्ती जिले की संवेदनशील भौगोलिक स्थिति को देखते हुए गठित इन विशेष टीमों में अनुभवी पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को शामिल किया गया है। इनका मुख्य उद्देश्य ड्रग्स, पशु तस्करी, अवैध शराब, जीएसटी फ्रॉड, एंट्री माफिया, नेपाली मुद्रा के अवैध विनिमय तथा सीमा पार संचालित संगठित अपराधों के नेटवर्क को ध्वस्त करना है।

पुलिस के अनुसार बॉर्डर मॉनिटरिंग सेल भारत-नेपाल सीमा पर 24 घंटे निगरानी रख रही है। यह टीम सीमावर्ती थानों की गतिविधियों की समीक्षा करने के साथ केंद्रीय एवं राज्य एजेंसियों से समन्वय स्थापित कर सूचनाओं का आदान-प्रदान कर रही है। प्राप्त सूचनाओं के आधार पर सीमा क्षेत्र के 25 से अधिक व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को संदिग्ध मानते हुए जांच शुरू की गई है।

वहीं एसडीपीओ वन खुशरू सिराज के नेतृत्व में एसआईआरटी खुफिया सूचनाएं जुटाकर तस्करी और संगठित अपराध से जुड़े नेटवर्क पर लगातार छापेमारी कर रही है। टीम की कार्रवाई में चार से अधिक कोयला लदे ट्रकों को पकड़ा गया, जिनमें फर्जी जीएसटी दस्तावेजों का उपयोग पाया गया। इस मामले में गलगलिया और सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

दूसरी ओर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स जिले में सूखे नशे और केमिकल ड्रग्स के कारोबार पर विशेष फोकस करते हुए तस्करी के पूरे नेटवर्क की पहचान कर कार्रवाई कर रही है। पुलिस के अनुसार मई में 2 किलो 588 ग्राम तथा जून में 4 किलो 416 ग्राम स्मैक बरामद की गई है। इसके अलावा फर्जी आधार कार्ड एवं अन्य प्रमाण पत्र बनाने वाले गिरोहों के खिलाफ भी लगातार कार्रवाई जारी है।

एसपी संतोष कुमार ने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता केवल तस्करी की खेप पकड़ना नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर इसके सरगनाओं तक पहुंचना है। उन्होंने कहा कि सीमा पार संचालित प्रत्येक संगठित अपराध के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

dharmendra singh

धर्मेन्द्र सिंह प्रिंट माध्यम में 17 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 10 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं।राजनीतिक, सामाजिक व अपराध की खबरों में विशेष रूचि है।

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