ललन सिंह के सवालों पर बीजेपी आईटी सेल के प्रदेश अध्यक्ष मनन कृष्ण ने डाटा के साथ दिया जवाब

Big Breaking : सागर कुमार विशेष संवाददाता
ललन सिंह के सवालों पर बीजेपी आईटी सेल के प्रदेश अध्यक्ष मनन कृष्ण ने डाटा के साथ दिया जवाब
9 फरवरी 2023
जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह के द्वारा लगातार केंद्रीय बजट पर सवाल उठाया जा रहा है और आज सुबह ही उन्होंने ट्विटर और फेसबुक के माध्यम से केंद्रीय बजट पर कई सवाल उठाएं हैं उसको लेकर भारतीय जनता पार्टी प्रदेश आईटी सेल के प्रदेश संयोजक मनन कृष्ण ने जवाब देते हुए कहा है कि
“आदरणीय ललन सिंह जी,
एक बार फिर आपने उन्हीं पुराने घिसे-पीटे कुतर्कों और रटे-रटाए बयानों के साथ प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी जी को टारगेट किया है. आपकी पीड़ा जनता समझती है. राजनीति में एक लंबा समय गुजारने के बाद भी यदि कोई अपनी खास पहचान न बना पाए तो कलेजे में हूक उठनी स्वाभाविक है. आपके साथी नेता जहां अपने बलबूते राज्य और देश में प्रसिद्धि पा चुके हैं, वहीं आप आज भी नीतीश जी के मित्र और कृपापात्र की छवि से बाहर नहीं हो पाए हैं. आपने अलग हटकर अपने मित्र की ‘आंत के दांत’ तक खोजने का प्रयत्न कर डाला लेकिन फिर बाद में वापस लौटकर उन्हीं मित्र के कारण पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन पाए. इसलिए आपके कलेजे की कसमसाहट समझना काफ़ी आसान है.
अब ‘बड़े नेता’ पर टिपण्णी कर खुद को बड़ा बनाने का आपका यह प्रयास भी आपके तरकश का आखिरी तीर ही प्रतीत होता है, क्योंकि युवराजों के कमान थामने पर आप निश्चय ही किनारे कर दिए जाएंगे. जिन विशेषणों से उन्होंने आपको कभी नवाजा था, वह आप भले ही भूल जाएं, लेकिन वह नहीं भूलने वाले.
इसलिए आपसे निवेदन है कि अपनी आखरी पारी कम से कम ठीक से खेलिए. बयान देने से पहले थोड़ा रिसर्च कीजिये, थोड़ी मेहनत कीजिये, थोड़ा तथ्यों की जानकारी रखिये फिर जितनी ज़ोर से बोलना हो बोलिए. हम आलोचना का हमेशा स्वागत करते हैं.
बहरहाल आपने माननीय प्रधानमन्त्री जी पर कुछ सवालों के भोथरे तीर छोड़े हैं
जैसे बेरोजगारी दूर करने के लिए क्या कदम उठाये गये हैं और 2 करोड़ सलाना रोजगार देने के वायदे का क्या हुआ?
सवाल देख कर बरबस हंसी आती है और याद आता है कि कैसे कुछ महीने पहले तक आपकी पार्टी खुद इन सवालों के जवाब दिया करती थी, लेकिन दुर्भाग्य से लालटेन पकड़ते ही आपका सारा ज्ञान धुआं हो गया.
खैर आपको यह जानकार ख़ुशी होगी कि मोदी सरकार ने प्रतिवर्ष 2 करोड़ रोजगार सृजित करने का वादा किया था, लेकिन पिछले 8-9 वर्षों में देश में उससे कहीं रोजगार सृजित हो चुके हैं. 9 साल के हिसाब से अभी तक 18 करोड़ लोगों को रोजगार मिल जाना चाहिए था जबकि केवल मुद्रा योजना से ही 37,76,05,305 करोड़ लोगों को रोजगार के लिए धन उपलब्ध कराया जा चुका है, जो 18 करोड़ की संख्या से 19 करोड़ से भी अधिक है.
स्टार्ट अप इंडिया के तहत 79, 648 स्टार्ट अप्स को मान्यता मिल चुकी है, आपको जानकर ख़ुशी होगी कि इनमें लाखों की संख्या में युवा काम कर रहे हैं. इनमें से 105 कंपनियां यूनिकॉर्न बन चुकी हैं, यानी इनका वैल्युएशन 1 बिलियन डॉलर यानी 100 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है.
आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना के तहत 46 लाख से अधिक लोगों को अपना खुद का रोजगार स्थापित करने के लिए सहायता मिली है. यही नहीं अभी तक देश में 5.31 लाख से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर खुले हैं, यह भी तो रोजगार ही है.
केंद्र सरकार द्वारा इस साल तक 10 लाख सरकारी नौकरियां देने का काम भी शुरू है.
इसके अलावा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के आंकड़ों को देखें तो बीते अक्टूबर में 12.94 लाख, सितंबर में 15.41 लाख, अगस्त में 16.94 लाख, जुलाई में 18.23 लाख, जून में 18.36 लाख, मई में 16.82, अप्रैल में 17.08 लाख सदस्य जुड़े हैं. यानी हर महीने औसतन 15 लाख..
आपने प्रधानमन्त्री जी के हर खाते में 15 लाख रु देने के वादे पर भी सवाल पूछे हैं, इसपर आपको चुनौती है कि प्रधानमन्त्री जी का बयान मीडिया में जारी करें नहीं तो झूठ बोलने के लिए माफ़ी मांगे.
हमने जो कहा उससे बढ़कर किया है, लेकिन शायद आप अपनी खबरें तलाशने के बजाए अख़बारों में कुछ और पढ़ा नहीं करते.
अंत में आपसे निवेदन है कि एक बार पहली कैबिनेट में पहली कलम से 10 लाख सरकारी नौकरियां देने के वादे के बारे में बता दें. कृप्या भाजपा के समय की नौकरियों की जो आपने रीपैकेजिंग की है उसका जिक्र नहीं करें.
इसके अलावा एनडीए काल में तय हुई लगभग 2.25 लाख नौकरियों का क्या हुआ यहभी बता दें.
साथ ही नरेंद्र मोदी जिंदाबाद बोलने पर आपके कार्यकर्ता कटिहार के अंकुर मंडल को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं. थोड़ा उसका भी ‘समाधान’ करें
आशा है जवाब देंगे


