प्रमुख खबरें

*नीट यूजी पेपर लीक और सीबीएसई की अनियमितताओं पर कांग्रेस का व्यापक प्रदर्शन, धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी की मांग*

*12 वर्षों में 89 पेपर लीक का रिकॉर्ड बना चुकी है भाजपा एनडीए सरकार: राजेश राम*

*छात्रों का भविष्य अधर में लटका, अवसर की समानता को खत्म कर रही है मोदी सरकार: राजेश राम*

त्रिलोकी नाथ प्रसाद /विगत 3 मई को आयोजित नीट यूजी परीक्षा पेपर लीक और सीबीएसई में रिजल्ट और कॉपी में अनियमितताओं के बाद कांग्रेस के कड़े विरोध के दबाव में केंद्र सरकार ने नीट यूजी परीक्षा रद्द कर दिया और सीबीएसई में हुई अनियमितताओं पर जांच समिति का गठन कर दिया लेकिन अब भी इस मामले में दोषियों की पूरी गिरफ्तारी नहीं होने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के उदासीनता के कारण बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष राजेश राम के नेतृत्व में बिहार के कांग्रेसजन ने व्यापक प्रदर्शन और प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में 89 परीक्षा प्रश्नपत्र लीक हुए हैं और खुद एनटीए के अधीन नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र चार बार लीक हो चुके हैं, जिससे केंद्रीय परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं लेकिन भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र की मोदी सरकार ने ऐसी भ्रष्ट व्यवस्था बना दी है कि अमीर परिवारों के बच्चों को ही मेडिकल सीटें और नौकरियां मिलेंगी, जबकि गरीब परिवारों के छात्रों को उम्मीद के सहारे हर बार धोखा ही खाना पड़ेगा। भाजपा के नेतृत्व वाली इस एनडीए सरकार के तहत शिक्षा व्यवस्था पूरी तरीके से ध्वस्त हो चुकी है। इस व्यवस्था को बदलने के लिए और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से कांग्रेस पार्टी लगातार सड़कों पर संघर्ष कर रही है। आज बिहार के छात्रों के हक के लिए हम सड़कों पर हैं। वर्तमान सरकार को अविलंब एनटीए के तहत आयोजित होने वाली नीट परीक्षा में पारदर्शिता और पेपर लीक की समस्या को खत्म करना चाहिए और आगामी 21 जून को आयोजित होने वाली परीक्षा के साथ भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर गंभीरता बरतनी चाहिए। साथ ही सीबीएसई के मामले को उठाते हुए उन्होंने कहा कि मेधावी छात्रों के भविष्य को खराब करने की यह प्रणाली भाजपा सरकार के शिक्षा व्यवस्था को पंगु बनाने की नीति के तहत है ताकि छात्रों का भविष्य अधर में लटका रहे। कॉपी की जांच, मूल्यांकन और परिणामों के प्रकाशन में भारी अनियमितता को उजागर करने वाले छात्रों पर ही केंद्र की सरकार दबाव बना रही है जबकि अपने सिस्टम में व्याप्त गड़बड़ियों को चिन्हित नहीं कर रही है।

विधान परिषद में दल के नेता डॉ. मदन मोहन झा ने कहा कि केंद्र की एनडीए सरकार ने पिछले 12 वर्षों में शिक्षा तंत्र को बर्बाद कर दिया है और वर्तमान शिक्षा मंत्री नैतिकता के आधार पर भी अपने पद से इस्तीफा तो दूर 22 लाख पीड़ित छात्रों के प्रति संवेदना प्रकट करने की भी जहमत नहीं उठाते हैं। उनकी उदासीनता बताने के लिए काफी है कि केंद्र की मोदी सरकार ने उन्हें शैक्षणिक गतिविधियों को बर्बाद करने की ही जिम्मेदारी दे रखी है और इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनका इस्तीफा नहीं मांगा।

राजापुर पुल की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने गोसाई टोला से आगे मरीन ड्राइव चौराहे पर बलपूर्वक रोक दिया। इससे नाराज प्रदर्शनकारियों ने वहीं धरने पर बैठ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ गगनभेदी नारे लगाने लगे।

कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने इस दौरान अर्थी जुलूस भी निकाल कर अपना विरोध दर्ज किया।

प्रदर्शन में विधान परिषद में कांग्रेस दल के नेता डा0 मदन मोहन झा, सांसद पप्पू यादव, अनुशासन समिति के अध्यक्ष कपिलदेव प्रसाद यादव, पूर्व मंत्री कृपानाथ पाठक, मीडिया चेयरमैन राजेश राठौड़, ब्रजेश प्रसाद मुनन, असितनाथ तिवारी, डा0 संजय यादव, स्नेहाशीष वर्द्धन पाण्डेय, वैद्यनाथ शर्मा, पंकज यादव, उमैर खा, अरविन्द लाल रजक, राजीव मेहता, मृणाल अनामय, प्रेमचन्द सिंह, ई0 कमल कमलेश, चन्द्रभूषण राजपूत, डा0 अमन कुमार, नीतू सिंह निषाद, उदय शंकर पटेल, विनीता भगत, विमलेश तिवारी, रंजीत यादव, हीरा सिंह बग्गा, शालीग्राम शर्मा, इबरार रजा, राहुल भारद्वाज निशांत करपटने, मुन्द्रिका सिंह यादव, सहित सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।

 

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!