किशनगंज : छह माह में 17 पुलिस पदाधिकारी निलंबित, 38 का वेतन रुका, 200 से अधिक कर्मी हुए पुरस्कृत

किशनगंज, 07 जून (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, जिले में पुलिसिंग व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और कार्य में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार लगातार सख्त कदम उठा रहे हैं। पिछले लगभग छह माह के दौरान कार्य में लापरवाही बरतने वाले 17 पुलिस पदाधिकारियों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की गई है। वहीं 38 पुलिसकर्मियों का वेतन रोका गया, जिनमें से नौ के खिलाफ विभागीय दंड की कार्रवाई भी की गई है।
जानकारी के अनुसार निलंबित पुलिस पदाधिकारियों में पांच थानाध्यक्ष स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। इसके अलावा अवर निरीक्षक (एसआई) और सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) स्तर के पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है। यह सभी कार्रवाई 10 जनवरी से अब तक की गई है। उल्लेखनीय है कि पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने 10 जनवरी को जिले में योगदान दिया था। पदभार ग्रहण करने के बाद से वे लगातार विभिन्न थानों का निरीक्षण कर रहे हैं तथा कार्यप्रणाली की समीक्षा कर रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों और लापरवाही के मामलों में संबंधित पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मुख्यालय की प्राथमिकताओं के अनुरूप लंबित कांडों के निष्पादन, अनुसंधान कार्य में तेजी और विधि-व्यवस्था को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। कांडों के निष्पादन, कार्यालय कार्य, सुपर पेट्रोलिंग, विधि-व्यवस्था संधारण और छापेमारी अभियानों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले 200 से अधिक पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को पुरस्कृत किया गया है। इन कर्मियों को कुल 1 लाख 21 हजार 650 रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। पुरस्कृत होने वालों में पुलिस अवर निरीक्षक, सहायक अवर निरीक्षक, 86 सिपाही तथा पीटीसी कर्मी शामिल हैं।
कई थानाध्यक्षों पर भी गिरी गाज
पिछले कुछ महीनों में जिले के विभिन्न थानों में पदस्थापित छह थानाध्यक्षों पर भी निलंबन की कार्रवाई की जा चुकी है। किशनगंज सदर थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार रंजन को 17 अप्रैल को निलंबित किया गया था। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में आर्थिक अपराध इकाई की कार्रवाई और एसपी की रिपोर्ट के आधार पर पूर्णिया प्रक्षेत्र के आईजी विवेकानंद ने यह कार्रवाई की थी। इसके अलावा 7 मई को पौआखाली थानाध्यक्ष, 16 मई को एससी-एसटी थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष तथा 17 मई को महिला थाना की अपर थानाध्यक्ष को भी निलंबित किया गया।
पुलिस विभाग की यह कार्रवाई जिले में अपराध नियंत्रण, अनुसंधान व्यवस्था को मजबूत करने तथा अनुशासन कायम रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि जवाबदेही तय होने से पुलिसिंग व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी तथा आम लोगों का विश्वास भी बढ़ेगा।



