दस दिवसीय ग्रीष्मकालीन कार्यशाला-2026 का शुभारंभ

• भारतीय नृत्य कला मंदिर, पटना में दस दिवसीय ग्रीष्मकालीन कार्यशाला का शुभारंभ
• बच्चों को गायन, वादन एवं नृत्य की विभिन्न विधाओं का दिया जाएगा प्रशिक्षण
• लोक कला एवं सांस्कृतिक परंपराओं से नई पीढ़ी को जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल
त्रिलोकी नाथ प्रसाद/पटना। कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार के अंतर्गत भारतीय नृत्य कला मंदिर, पटना द्वारा आयोजित दस दिवसीय ग्रीष्मकालीन कार्यशाला-2026 का आज शुभारंभ हुआ। इस कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों एवं किशोरों को भारतीय संगीत, नृत्य एवं वादन की विविध विधाओं से परिचित कराना तथा उनमें कला के प्रति रुचि एवं समझ विकसित करना है।
इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्य निदेशालय की निदेशक श्रीमती रूबी (भा.प्र.से.), बिहार संगीत अकादमी के संयुक्त सचिव श्री महमूद आलम, भारतीय नृत्य कला मंदिर की सचिव श्रीमती अमृता प्रीतम, प्रशिक्षक, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में प्रतिभागी उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में श्रीमती रूबी ने कहा कि बच्चों में लोक संगीत, वादन एवं नृत्य के प्रति बढ़ती रुचि अत्यंत उत्साहजनक है। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण दायित्व है कि वे बच्चों को सर्वोत्तम प्रशिक्षण प्रदान करें, ताकि उनकी प्रतिभा को सही दिशा मिल सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रशिक्षण कार्यशाला प्रतिभागियों के कौशल विकास, सांस्कृतिक समझ और कलात्मक अभिव्यक्ति को नई दिशा देगी तथा प्रत्येक दृष्टिकोण से यह कार्यशाला सफल सिद्ध होगी।
कार्यशाला में 08 से 16 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को गायन, वादन एवं नृत्य की विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतिभागी भारतीय शास्त्रीय एवं लोक कलाओं की बारीकियों को सीखेंगे। इसके साथ ही उन्हें मंचीय प्रस्तुति, लय, ताल एवं सांगीतिक अभिव्यक्ति के विभिन्न आयामों से भी अवगत कराया जाएगा।
कार्यशाला 05 जून से 14 जून 2026 तक आयोजित की जाएगी तथा प्रतिदिन पूर्वाह्न 10:00 बजे से संचालित होगी। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों एवं युवाओं को कला की विभिन्न विधाओं से जोड़ना तथा उनकी सांस्कृतिक एवं रचनात्मक क्षमताओं का विकास करना है।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कार्यशाला का पूर्ण लाभ उठाने और कला के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में भारतीय नृत्य कला मंदिर की सचिव श्रीमती अमृता प्रीतम ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों, अभिभावकों एवं प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया तथा कार्यशाला के सफल आयोजन में सहयोग करने वाले सभी व्यक्तियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती सोमा चक्रवर्ती द्वारा किया गया।

