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संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ से निपटने की तैयारियों की प्रभारी सचिव ने की समीक्षा, सहयोग पोर्टल पर शिकायतों के निष्पादन पर जताया संतोष

अररिया (अब्दुल कैय्यूम)। अररिया परमान सभागार में भा०प्र०से०, सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना-सह-प्रभारी सचिव मोहम्मद सौहैल की अध्यक्षता में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की पूर्व तैयारियों, सहयोग शिविर तथा विभिन्न विकासात्मक योजनाओं की प्रगति को लेकर समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।बैठक में जिला पदाधिकारी विनोद दूहन, पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

बैठक के प्रारंभ में अररिया जिले की भौगोलिक स्थिति, अंचलवार पंचायतों एवं राजस्व ग्रामों की जानकारी दी गई। साथ ही जिले की प्रमुख नदियों तथा उनसे प्रभावित होने वाले गांवों की विस्तृत विवरण से प्रभारी सचिव महोदय को अवगत कराया गया। बताया गया कि जिले के अररिया, जोकीहाट, पलासी, सिकटी, कुर्साकांटा एवं फारबिसगंज प्रखंड बाढ़ से अत्यधिक प्रभावित होते हैं, जबकि रानीगंज, नरपतगंज एवं भरगामा प्रखंड आंशिक रूप से प्रभावित क्षेत्र हैं। जिले की 72 पंचायतें पूर्ण रूप से तथा 60 पंचायतें आंशिक रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आती हैं।

समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में स्थापित वर्षा मापक यंत्रों के माध्यम से नियमित रूप से वर्षापात के आंकड़े प्राप्त किए जा रहे हैं तथा संभावित आपदा की स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है। तटबंधों की स्थिति की समीक्षा में बताया गया कि जिले के चारों प्रमुख तटबंधों का संयुक्त निरीक्षण पदाधिकारियों के द्वारा किया जा चुका है तथा 15 जून तक तटबंधों के शीर्ष पर बने गड्ढों एवं रेनकट की मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
बैठक में आपदा प्रबंधन संसाधनों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जिले में 165 परिचालन योग्य नावें, 10 इन्फ्लेटेबल मोटरबोट, 40,790 पॉलिथीन शीट, 05 महाजाल, 135 लाइफ जैकेट आदि उपलब्ध हैं। वहीं 397 सामुदायिक रसोई केंद्र तथा 363 राहत शिविर चिन्हित किए गए हैं।राहत सामग्री एवं पशु चारा की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निविदा प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।

प्रभारी सचिव ने सभी अंचलाधिकारियों को बाढ़ संभावित क्षेत्रों का अनिवार्य रूप से निरीक्षण कर प्रतिवेदन अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन को सभी मरम्मत योग्य नावों की मरम्मत सुनिश्चित कराने तथा अंचलाधिकारियों को शेष नाविकों का एकरारनामा शीघ्र पूरा कराने का निर्देश दिया। अत्यधिक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ की सहायता से मॉक ड्रिल आयोजित करने तथा प्रत्येक नाव पर लाइफ जैकेट एवं इमरजेंसी लाइट की उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया।

कार्यपालक अभियंता, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को सभी मरम्मत योग्य चापाकलों की मरम्मत सुनिश्चित करने तथा सिविल सर्जन को बाढ़ अवधि में गठित चिकित्सा दलों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
साथ ही राहत शिविरों की व्यवस्था की समीक्षा आपदा प्रबंधन की निर्धारित गाइडलाइन के अनुरूप करने तथा आपदा संबंधी सूचनाओं के व्यापक प्रसार हेतु सायरन के साथ-साथ मंदिरों एवं मस्जिदों के लाउडस्पीकरों का उपयोग करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में जिला आपातकालीन संचालन केंद्र की कार्यप्रणाली, कम्युनिकेशन प्लान तथा सभी प्रखंडों में स्थापित इंडस्ट्रियल सायरनों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि सभी सायर कार्यशील हैं। खोज, बचाव एवं राहत दलों के गठन तथा आपदा सम्पूर्ति पोर्टल पर अद्यतन आंकड़ों के नियमित अपलोड की जानकारी भी दी गई।

सुखाड़ की संभावित स्थिति की समीक्षा करते हुए प्रभारी सचिव ने संबंधित विभागों को अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने तथा आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किया जाए तथा आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
बैठक में विकासात्मक योजनाओं की भी समीक्षा की गई। इस दौरान विभिन्न विकास योजनाओं, विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं, आईसीडीएस के अंतर्गत आंगनबाड़ी सेवाओं तथा जिले की विधि-व्यवस्था की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रभारी सचिव ने जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को शनिवारीय जनता दरबार की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा सभी अंचलाधिकारियों को सरकारी भूमि की सूची जिला अवर निबंधक को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

बैठक में सहयोग शिविर एवं सहयोग पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निष्पादन में उल्लेखनीय प्रगति पर प्रभारी सचिव ने संतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिया कि जन शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए ताकि आम लोगों को त्वरित राहत एवं न्याय मिल सके।

बैठक के अंत में प्रभारी सचिव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ सहित अन्य चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया।

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