*किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त गन्ना बीज उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता : मंत्री संजय कुमार*

• *गन्ना उद्योग मंत्री ने अधिकारियों को फील्ड भ्रमण एवं जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए*
• *‘गन्ना रथ’ के माध्यम से गांव-गांव तक पहुंचेगी आधुनिक गन्ना खेती की जानकारी*
• *गुड़ प्रोत्साहन योजना से किसानों एवं उद्यमियों को मिलेगा नया अवसर*
• *गन्ना क्षेत्र विस्तार एवं यंत्रीकरण योजनाओं को गति देने पर विशेष जोर*
त्रिलोकी नाथ प्रसाद/ गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को विभागीय कार्यालय कक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय योजनाओं, गन्ना विकास कार्यक्रमों तथा किसानों के हित से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान विभागीय सचिव श्री धर्मेन्द्र सिंह ने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी माननीय मंत्री को दी। समीक्षा के उपरांत माननीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गन्ना किसानों को समय पर प्रमाणित एवं गुणवत्तायुक्त गन्ना बीज उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ब्रीडर सीड एवं प्रमाणित गन्ना बीज उत्पादन करने वाली संस्थाओं की नियमित निगरानी एवं समयबद्ध अंकेक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों तक गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वसनीय बीज पहुंच सके। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष बल दिया।
*गुड़ प्रोत्साहन योजना से बढ़ेगी किसानों की आय*
माननीय मंत्री ने गुड़ प्रोत्साहन योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि प्राप्त आवेदनों का त्वरित निष्पादन कर पात्र किसान-उद्यमियों को शीघ्र लाइसेंस उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि यह योजना किसानों के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत बनेगी तथा ग्रामीण स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी। उन्होंने किसानों से अधिकाधिक संख्या में केन केयर पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की, ताकि योजना का लाभ अधिक से अधिक लाभुकों तक पहुंच सके।
*गन्ना रथ अभियान से गांव-गांव पहुंचेगी नई तकनीक*
माननीय मंत्री ने गन्ना क्षेत्र विस्तार हेतु व्यापक रणनीति तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि वे स्वयं गन्ना उत्पादक क्षेत्रों का भ्रमण कर जमीनी स्थिति का आकलन करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को ‘गन्ना रथ’ अभियान चलाने का निर्देश दिया, जिसके माध्यम से किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों, वैज्ञानिक पद्धतियों एवं उत्पादन वृद्धि संबंधी जानकारी दी जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से उन पंचायतों में जागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया जहां नई चीनी मिलों की स्थापना प्रस्तावित है, ताकि स्थानीय किसान गन्ना उत्पादन के नए अवसरों से जुड़ सकें।
*यंत्रीकरण एवं कस्टम हायरिंग सेंटर को मिलेगा बढ़ावा*
माननीय मंत्री ने निर्देश दिया कि गन्ना यंत्रीकरण योजना के अंतर्गत किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कस्टम हायरिंग सेंटर एवं कृषि उद्यमी यंत्र बैंक के माध्यम से छोटे एवं सीमांत किसानों को भी रियायती दर पर आधुनिक यंत्र उपलब्ध कराए जाएं, जिससे खेती की लागत कम होगी और उत्पादकता में वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि गन्ना यंत्रीकरण योजना के अंतर्गत किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद पर 50 से 70 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है। वहीं, कस्टम हायरिंग सेंटर अथवा कृषि उद्यमी यंत्र बैंक के माध्यम से भी यंत्रों पर 70 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।
*गन्ना विकास कार्यक्रम के तहत कई नई पहल*
वर्तमान वित्तीय वर्ष में राज्य में नई चीनी मिलों की स्थापना एवं गन्ना उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभाग द्वारा कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। विभाग ने IISR लखनऊ तथा SRI पूसा के साथ समन्वय स्थापित कर उन्नत गन्ना बीज उत्पादन की प्रक्रिया प्रारंभ की है। मुख्यमंत्री गन्ना विकास योजना के अंतर्गत इस वर्ष कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। चीनी एवं गैर-चीनी मिल क्षेत्रों में गन्ना फसल क्षेत्र विस्तार योजना लागू की गई है, जिसके तहत किसानों को बीज उपलब्ध कराने पर 470 रुपये प्रति क्विंटल की सहायता राशि दी जाएगी। साथ ही, गन्ना बीज परिवहन के लिए भी अनुदान का प्रावधान किया गया है।
बैठक में संयुक्त ईखायुक्त श्री वेदव्रत कुमार सहित विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे।



