*विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग में होगी यंग प्रोफेशनल की भर्ती, विभाग ने बनाई इसकी रूपरेखा* *विज्ञान एवं प्रावैधिकी कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने के लिए दक्ष युवाओं की होगी भर्ती*

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/राज्य सरकार विज्ञान एवं प्रावैधिकी कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने के लिए दक्ष युवाओं की भर्ती करने जा रही है। इसके लिए “यंग प्रोफेशनल चयन संबंधी नीति-2026” बनाई गई है। बिहार सरकार का विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग तीन श्रेणियों में यंग प्रोफेशनल का चयन करेगा। माना जा रहा है कि विभाग की इस पहल से विज्ञान एवं प्रावैधिकी से जुड़े कार्यक्रमों और अनुप्रयोगों को गति मिलेगी।
इस नीति के तहत तीन श्रेणियों — यंग प्रोफेशनल (वाईपी-I), यंग प्रोफेशनल (वाई-II) और यंग प्रोफेशनल (वाई-III) — में तकनीकी क्षेत्र में दक्ष युवाओं की भर्ती की जाएगी। यंग प्रोफेशनल-I में वैसे अभ्यर्थियों का चयन होगा, जिन्होंने डिप्लोमा परीक्षा में न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों। यंग प्रोफेशनल-II में वैसे अभ्यर्थी शामिल होंगे, जिन्होंने बी.टेक. परीक्षा में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों तथा संबंधित शाखा में पिछले तीन वर्षों के भीतर वैध ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (गेट) स्कोर अर्जित किया हो। वहीं, यंग प्रोफेशनल-III में वैसे अभ्यर्थियों का चयन होगा, जिन्होंने एम.टेक. परीक्षा में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों तथा एम.टेक. में प्रवेश वैध गेट स्कोर के आधार पर लिया हो।
यंग प्रोफेशनल का प्रारंभिक चयन दो वर्षों के लिए होगा, जिसे उनके कार्य के मूल्यांकन तथा संबंधित संस्थान की आवश्यकता के आधार पर एक वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकता है। विभिन्न संस्थानों में यंग प्रोफेशनल की संख्या संबंधित संस्थानों की आवश्यकता के अनुसार विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित की जाएगी। यंग प्रोफेशनल के चयन में राज्य की आरक्षण नीति का पालन किया जाएगा।
“यंग प्रोफेशनल चयन संबंधी नीति-2026” के तहत चयनित यंग प्रोफेशनल विभाग एवं विभागाधीन संस्थानों, जैसे बिहार काउंसिल ऑन साइंस एंड टेक्नोलॉजी (बीसीएसटी), बिहार रिमोट सेंसिंग एप्लिकेशंस सेंटर (बिरसेक), डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम साइंस सिटी, पटना, बिहार इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी, पटना, सब-रीजनल साइंस सेंटर, गया, स्टेट बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन, तारामंडल, दरभंगा तथा विभागाधीन संचालित अन्य संस्थानों, जैसे राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय एवं राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों आदि में आवश्यकतानुसार सेवाएं प्रदान करेंगे।
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विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के कार्यक्रमों-योजनाओं को प्रभावी बनाने के लिए तीन श्रेणियों में दक्ष युवाओं की भर्ती की जाएगी। इसके लिए नीति बनाई गई है। इनका प्रारंभिक चयन दो वर्षों के लिए होगा।
*शीला कुमारी, मंत्री विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग*



