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किशनगंज में 15 मिनट का ब्लैकआउट, सायरन के बीच युद्ध जैसी स्थिति से निपटने का मॉक ड्रिल

किशनगंज,15मई(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, संभावित आपातकालीन एवं युद्ध जैसी परिस्थितियों से निपटने की तैयारी को लेकर गुरुवार शाम जिले में व्यापक स्तर पर ब्लैकआउट मॉक ड्रिल आयोजित की गई। शाम 7 बजे से 7 बजकर 15 मिनट तक चले इस विशेष अभ्यास के दौरान पूरे जिले में 15 मिनट तक बिजली आपूर्ति बंद रखी गई। प्रशासनिक वाहनों पर लगे सायरन लगातार बजते रहे और लोगों को सतर्क रहने तथा सरकारी निर्देशों का पालन करने की अपील की जाती रही।इस विशेष मॉक ड्रिल का नेतृत्व जिलाधिकारी विशाल राज और पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने किया। मौके पर अनुमंडल पदाधिकारी अनिकेत कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मंगलेश कुमार सिंह सहित कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

पूरे अभ्यास के दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था और बलों की तैनाती पर बारीकी से नजर रखी। अंधेरे के दौरान विभिन्न बिंदुओं पर तैनात जवानों की तत्परता का भी आकलन किया गया।

जिले के रुईधाशा, हलीम चौक, गांधी चौक, डे मार्केट, बिहार बस स्टैंड, नगर पंचायत ठाकुरगंज, पौआखाली सहित कई इलाकों में ब्लैकआउट का स्पष्ट असर देखने को मिला। ठाकुरगंज शहर के जामा मस्जिद रोड समेत कई प्रमुख क्षेत्रों में पूरी तरह अंधेरा छा गया। वहीं किशनगंज शहर के विभिन्न मोहल्लों में लोगों ने घरों और प्रतिष्ठानों की लाइट बंद रखकर प्रशासन का सहयोग किया। पौआखाली क्षेत्र में भी लोगों ने गंभीरता दिखाते हुए मॉक ड्रिल का पालन किया।मॉक ड्रिल के दौरान प्रशासनिक और पुलिस वाहन लगातार शहर में गश्त करते रहे। सायरन बजाकर लोगों को जागरूक किया गया और अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की अपील की गई। हालांकि कुछ स्थानों पर इनवर्टर और इमरजेंसी लाइट जलती दिखाई दी। कई वाहन चालक भी हेडलाइट ऑन कर सड़कों पर चलते नजर आए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि आपातकालीन परिस्थितियों में पूर्ण ब्लैकआउट को लेकर अभी और जागरूकता की आवश्यकता है।गांधी चौक में आयोजित विशेष प्रदर्शन मॉक ड्रिल का मुख्य आकर्षण रहा। यहां हवाई हमले, आगजनी, रेस्क्यू ऑपरेशन और मेडिकल सहायता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं का जीवंत प्रदर्शन किया गया। आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य किस प्रकार किया जाता है, इसका व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया।

6प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार इस अभ्यास का उद्देश्य यह परखना था कि संभावित युद्ध अथवा हवाई हमले जैसी स्थिति में आम नागरिक कितनी गंभीरता से निर्देशों का पालन करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध की स्थिति में छोटी-सी रोशनी भी दुश्मन के लिए निशाना तय करने में मददगार हो सकती है, इसलिए पूर्ण ब्लैकआउट बेहद जरूरी माना जाता है।उल्लेखनीय है कि राजधानी पटना सहित बेगूसराय, पूर्णिया, अररिया, कटिहार और किशनगंज समेत बिहार के छह जिलों में एक साथ यह अभ्यास कराया गया। सीमांचल के जिलों को संवेदनशील मानते हुए यहां विशेष सतर्कता बरती गई। मॉक ड्रिल के सफल आयोजन पर जिलाधिकारी विशाल राज और पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने जिलेवासियों का आभार जताते हुए कहा कि नागरिकों की सुरक्षा और जागरूकता के लिए ऐसे अभ्यास आगे भी जारी रहेंगे।

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