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सहस्त्र गीता कंठनाद मे गीता मनीषी महामंडलेश्वर ज्ञानानंद महाराज जी का आगमन:-आध्यात्मिक ऊर्जा और भारतीय संस्कृति का अद्भुत संगम।

सिद्धार्थ पाण्डेय/धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र की पावन भूमि एक बार फिर ऐतिहासिक आध्यात्मिक ऊर्जा की साक्षी बनने जा रही है। गीता परिवार के गौरवशाली 40 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में गीता परिवार द्वारा आगामी 27-29 मार्च को *सहस्त्र गीता कंठनाद*महोत्सव का विशाल आयोजन किया जा रहा है। इस महोत्सव की भव्यता तब ओर बढ़ जाएगी जब गीता मनीषी महामंडलेश्वर ज्ञानानंद जी महाराज का पावन आगमन होगा। स्वामी ज्ञानानंद महाराज जी ने उत्तरांचल प्रभारी , गीता परिवार श्रीमती मीनाक्षी गुप्ता जी को सहस्त्र गीता कंठनाद आध्यात्मिक कार्यक्रम को सफलतापूर्वक आयोजित करने का आशीर्वाद दिया। उनके आगमन से यह आध्यात्मिक आयोजन और भी भव्य, प्रेरणादायी बनने जा रहा है। इस कार्यक्रम मे एक हजार से भी अधिक गीता वृत्ति, गीता साधक एक साथ मिलकर श्रीमद्भगवद्गीता के पवित्र श्लोकों का सामूहिक उच्चारण करेंगे। जब सहस्त्र कंठो से गीता के श्लोको की दिव्य ध्वनि गूंजेगी,तो पूरा वातावरण भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठेगा। इस पावन आयोजन का उद्देश्य गीता के अमूल्य संदेश को जन-जन तक पहुंचाना तथा विशेष रूप से युवाओं को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ना है। स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज जी अपनी प्रेरणादायी उपस्थिति से जनसमूह को गीता संदेश और आध्यात्मिक जीवन पद्धति अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे,जो समाज में सकारात्मक सोच और नैतिक मूल्यों को मजबूत करेगा।
गीता परिवार ने समस्तश्रद्धालुओं, युवाओं और प्रबुद्ध नागरिकों से अपील की है कि वे इस गौरवशाली और ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बने।इस दिव्य आयोजन में योगगुरु बाबा रामदेव की गरिमामयी उपस्थिति सभी के लिए एक प्रेरणादायक और यादगार अनुभव बनेगी।

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