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बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने सम्राट अशोक की जयंती अशोक अष्टमी पर मगध साम्राज्य की कीर्ति को याद करते हुए समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी है।
त्रिलोकी नाथ प्रसाद/मगध की पावन भूमि पाटलिपुत्र में जन्मे चक्रवर्ती सम्राट अशोक ने अपनी खड्ग-शक्ति से अखंड भारत को एकसूत्र में पिरोया। किंतु, कलिंग के रणक्षेत्र में हुए नरसंहार से व्यथित होकर उन्होंने तलवार त्यागकर तथागत बुद्ध के करुणा एवं अहिंसा के पथ को अपनाया।
उनके शिला लेखों की शाश्वत वाणी आज भी भारत की आत्मा में गूंजती है। उनके काल की विभूतियां अशोक चक्र राष्ट्रध्वज की शान और अशोक स्तंभ राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में उनकी कालजयी अमरता का साक्षी है। उनके धम्म, करुणा और सहिष्णुता के आदर्श हमें सदैव एक सशक्त, समरस एवं समृद्ध राष्ट्र के निर्माण की प्रेरणा देते रहेंगे।


