प्रमुख खबरें

आयोजन: कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार एवं बिहार संगीत नाटक अकादमी का संयुक्त तत्वावधान

“पांच दिवसीय महिला नाट्य उत्सव 2026 के चौथे दिन ‘चारूलता’ नाटक का प्रभावशाली मंचन”

त्रिलोकी नाथ प्रसाद//पटना स्थित प्रेमचंद रंगशाला में आयोजित पांच दिवसीय महिला नाट्य उत्सव 2026 के चौथे दिन दर्शकों को एक संवेदनशील और प्रभावशाली प्रस्तुति देखने को मिली। इस अवसर पर श्रीमती सोमा चक्रवर्ती के निर्देशन में नाट्य संस्था ‘प्रांगण’ द्वारा ‘चारूलता’ नाटक का मंचन किया गया।

नाटक ‘चारूलता’ एक ऐसी महिला की भावनात्मक यात्रा को दर्शाता है, जो अपने पति भूपति की व्यस्तता के कारण उपेक्षित महसूस करती है। भूपति, जो एक समाचार पत्र का स्वामी है, अपने कार्यों में इतना लीन रहता है कि वह अपनी पत्नी को समय नहीं दे पाता। इसी बीच वह चारूलता की संगति के लिए मंदा को बुलाता है और अपने चचेरे भाई अमल को उसके अध्ययन के लिए नियुक्त करता है। अमल और चारूलता के बीच साहित्यिक निकटता धीरे-धीरे भावनात्मक जटिलताओं का रूप ले लेती है। परिस्थितियों और गलतफहमियों के चलते अमल दूर हो जाता है तथा विवाह कर विदेश चला जाता है, जिससे चारूलता गहरे मानसिक आघात में चली जाती है।

उधर, उमापति की धोखाधड़ी के कारण भूपति का अखबार भी बंद हो जाता है। अंततः, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का परिचय देते हुए चारूलता भूपति के साथ जाने से इंकार कर देती है। नाटक ने महिला स्वाभिमान, संवेदनशीलता और आत्मनिर्णय के भावों को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।

इसके साथ ही, प्रेमचंद रंगशाला के बाहरी परिसर में माध्यम फाउंडेशन द्वारा नुक्कड़ नाटक ‘खुच्चड़’ का भी सशक्त मंचन किया गया, जिसने सामाजिक मुद्दों पर दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।

कार्यक्रम में बिहार संगीत नाटक अकादमी, पटना के सचिव श्री महमूद आलम तथा सहायक सचिव सुश्री कीर्ति आलोक की गरिमामयी उपस्थिति रही। मंच संचालन श्रीमती श्वेता सुरभि द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!