किशनगंज : VVP-II के तहत 22 चयनित गांवों के विकास की समीक्षा, डीपीआर तैयार करने का निर्देश

किशनगंज,16फरवरी(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, Vibrant Villages Programme-II (वाईब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2) के अंतर्गत जिला स्तरीय समीक्षात्मक बैठक का आयोजन सोमवार को समाहरणालय सभागार में किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी विशाल राज ने की।
बैठक में सर्वप्रथम VVP-II की अद्यतन प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के उपरांत जिलाधिकारी ने कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित 22 गांवों में मार्गदर्शिका के अनुरूप क्रियान्वित की जाने वाली योजनाओं का प्रस्ताव एवं विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश संबंधित विभागों को दिया।
जिलाधिकारी ने सशस्त्र सीमा बल के कमांडेंट, किशनगंज, ठाकुरगंज एवं रानीडांगा (प. बंगाल) को भी निर्देशित किया कि उनके क्षेत्राधीन चयनित गांवों में संचालित एवं प्रस्तावित योजनाओं की पूर्ण विवरणी जिला योजना कार्यालय को उपलब्ध कराएं। एसएसबी प्रतिनिधियों ने बताया कि पूर्व में भी इन गांवों में विभिन्न आयोजन किए जाते रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने अब तक हुए सभी कार्यक्रमों का विस्तृत ब्योरा साझा करने का निर्देश दिया, ताकि योजनाओं के चयन में उसका समुचित उपयोग हो सके।
बैठक में जिला स्तरीय समिति के सभी सदस्यों को चयनित 22 गांवों का भौतिक भ्रमण कर ‘गैप एनालिसिस’ करने तथा नई योजनाओं का चयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही कार्यपालक अभियंता (एलएईओ), पीएचईडी, ग्रामीण कार्य विभाग, विद्युत विभाग, पथ निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग एवं भवन निर्माण विभाग को अविलंब प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा गया।
प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर संबंधित एजेंसियों द्वारा डीपीआर तैयार कर जिला योजना पदाधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी। प्रखंड विकास पदाधिकारियों ने भी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप सुझाव प्रस्तुत किए।
जिला योजना पदाधिकारी ने दिघलबैंक एवं ठाकुरगंज प्रखंडों के भौतिक भ्रमण के दौरान ग्रामीणों से मिले फीडबैक की जानकारी दी। इसमें सर्पदंश की समस्या, हाईमास्ट एवं सोलर लाइट, सामुदायिक भवन, सीसीटीवी कैमरा, अस्पताल संबंधी मांगें प्रमुख रहीं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि इन सभी मांगों को डीपीआर में शामिल किया जाए।
बताया गया कि आगामी दो दिनों में टेढ़ागाछ प्रखंड का भी भौतिक निरीक्षण किया जाएगा, जहां ग्रामीणों से सीधे फीडबैक लेकर योजनाओं में शामिल किया जाएगा, ताकि प्रभावी एवं जनोपयोगी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
बैठक में सीमा क्षेत्र में पशुपालन एवं अन्य विभागों को भी आवश्यकतानुसार योजनाएं लागू करने का निर्देश दिया गया। दूध डेयरी केंद्र, नेटवर्क समस्या, भंसार निर्माण, टप्पू दिघलबैंक में गेस्ट हाउस तथा बैजनाथ पलसा के समीप पुल निर्माण के प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सप्ताह के भीतर सभी विभाग डीपीआर तैयार कर निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। साथ ही बैठक में अनुपस्थित पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण लेने का निर्देश दिया।
बैठक में जिला योजना पदाधिकारी-सह-जिला जनसंपर्क पदाधिकारी कुंदन कुमार सिंह, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। वहीं, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित प्रखंडों के पदाधिकारी भी बैठक से जुड़े।



