लखीसराय में भूमि सुधार जनकल्याण संवाद

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/लखीसराय बनेगा राजस्व का मॉडल जिला : विजय कुमार सिन्हा
भूमि विवाद समाधान हेतु अंचलों में प्रत्येक शनिवार को होने वाली बैठक की मॉनिटरिंग करेंगे डीएम–एसपी
राज्य में चल रहे भूमि सर्वेक्षण को लेकर कोई परेशानी है तो अपने जिले के संबंधित अधिकारी के पास लिखित शिकायत करें
लखीसराय : उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग श्री विजय कुमार सिन्हा की गरिमामय उपस्थिति में सोमवार को लखीसराय टाउन हॉल में भूमि सुधार जनकल्याण संवाद का आयोजन किया गया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन की सरकार में भूमि, जमीन और शराब माफिया पर कार्रवाई के लिए राज्य सरकार पूरी तरह संकल्पित है। गलत करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि लखीसराय को राजस्व का मॉडल जिला बनाया जाएगा। अपराधी–भू माफिया और राजस्व कर्मियों के गठजोड़ को तोड़ना प्राथमिकता है। फर्जी और गलत कागजात के जरिए व्यवस्था में बाधा डालने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। विभागीय संलिप्तता पाए जाने पर तत्काल बर्खास्तगी और संपत्ति की जांच कराई जाएगी।
उपमुख्यमंत्री ने जिले के सभी सात अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया कि न्यायसंगत मामलों का निष्पादन 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित करें। डीसीएलआर अपने नीचे के सभी अधिकारियों कर्मचारियों के कार्यों की मॉनिटरिंग के साथ सूचक निरीक्षण शुरू करें। अपर समाहर्ता अपने सभी अधीनस्थों के कार्यों पर नजर रखें। भूमि विवाद समाधान हेतु प्रत्येक शनिवार को होने वाली बैठक में सभी थानाध्यक्षों की अनिवार्य उपस्थिति रहेगी, जिसकी मॉनिटरिंग क्षेत्र के डीएसपी व एसडीएम के नेतृत्व में कर रिपोर्ट डीएम–एसपी को दी जाएगी।
राज्यभर में चल रहे विशेष भूमि सर्वेक्षण पर उन्होंने कहा कि सौ वर्षों बाद हो रहा यह ऐतिहासिक कार्य पूरी पारदर्शिता से हो—यह सभी की जिम्मेदारी है। जिलाधिकारी गांव–गांव में माइकिंग कराकर जागरूकता सुनिश्चित करें। किसी भी शिकायत पर संबंधित अधिकारी तत्काल सुनवाई करें।
उन्होंने दोहराया कि सभी राजस्व कर्मचारी केवल पंचायत सरकार भवन में बैठकर ही कार्य करेंगे। इसकी मॉनिटरिंग अंचलाधिकारी, भूमि सुधार उपसमाहर्ता एवं अपर समाहर्ता करेंगे। अंचलाधिकारी अधिकतम समय कार्यालय में रहें और अपना व कर्मचारियों का संपर्क नंबर अंचल कार्यालय व पंचायत सरकार भवनों में प्रदर्शित करें।
जनसंवाद के दौरान चुनिंदा 50 से अधिक आवेदनों पर मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आमने–सामने बैठाकर समीक्षा की गई। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को बताया कि शेष सभी आवेदनों पर समय-सीमा में विधिसम्मत कार्रवाई विभाग के प्रधान सचिव श्री सीके अनिल के नेतृत्व में सुनिश्चित की जाएगी, जिसकी सूचना आवेदकों तक पहुंचाई जाएगी।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अब सीधे जनता के बीच उतरकर समस्याओं का समाधान कर रही है। अगले 100 दिनों में बिहार के सभी जिलों में जनसंवाद आयोजित होंगे। अधिकारियों को उन्होंने याद दिलाया कि वे जनता के सेवक हैं, मालिक नहीं। दाखिल–खारिज, परिमार्जन और भूमि विवाद के मामलों का निपटारा तय समय-सीमा में हर हाल में किया जाए।
करीब ढाई घंटे चले जनसंवाद में दाखिल–खारिज, परिमार्जन, मापी और लोक भूमि पर अतिक्रमण से जुड़े मामलों समेत अन्य महत्वपूर्ण मामलों की गहन समीक्षा हुई। फर्जी दस्तावेजों के जरिए गड़बड़ी करने वालों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
इससे पूर्व प्रधान सचिव श्री सीके अनिल ने लंबित कार्यों को प्राथमिकता से निपटाने का निर्देश दिया। सचिव श्री जय सिंह ने विभाग की ऑनलाइन सेवाओं की जानकारी दी और बताया कि अंचल कार्यालयों में सीएससी कर्मी के माध्यम से सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
डीएम श्री मिथिलेश मिश्र ने अगले शनिवार से अंचल में होनेवाली बैठक में किसी एक अंचल में एसपी के साथ मौजूद रहने की घोषणा की।
कार्यक्रम में विशेष सचिव श्री अरुण कुमार सिंह, उप निदेशक श्रीमती मोना झा, जिलाधिकारी श्री मिथिलेश मिश्र, एसपी श्री अजय कुमार, डीडीसी श्री सुमित कुमार, अपर समाहर्ता श्री नीरज कुमार, जिला बंदोबस्त पदाधिकारी श्री मो. मुस्तकीम, अनुमंडल पदाधिकारी श्री प्रभाकर कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी श्री अनुपम प्रकाश, आईटी मैनेजर श्री आनंद शंकर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।



