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*श्रावण की अंतिम सोमवारी पर भगवान शिव की महिमा : डॉ. प्रेम कुमार अध्यक्ष

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/श्रावण मास की अंतिम सोमवारी के पावन अवसर पर बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने राज्य एवं देशवासियों, विशेषकर भगवान भोलेनाथ के भक्तों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी।

डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि भगवान शिव केवल आराध्य नहीं, बल्कि अनंत शक्ति, त्याग, तपस्या, करुणा, सरलता और समरसता के प्रतीक हैं। समुद्र मंथन से निकले विष को अपने कंठ में धारण कर उन्होंने संसार को अमृतमय जीवन का संदेश दिया। इसी कारण शिव को नीलकंठ कहा जाता है। वे संसार के कल्याण के लिए विष को स्वयं स्वीकार करने वाले देव हैं।भगवान शिव का स्वरूप हमें सादगी और आडंबर से दूर रहने की प्रेरणा देता है। दिगंबर स्वरूप, भस्म, जटाएं, गले में सर्प और कैलाश की तपोभूमि यह संदेश देती है कि वास्तविक महानता भौतिक वैभव में नहीं, बल्कि त्याग, तपस्या, वैराग्य और आत्मसंयम में है। शिव सफलता और असफलता, सुख और दुख तथा जीवन के उतार-चढ़ाव में समभाव रखने की प्रेरणा देते हैं । भगवान शिव का परिवार विविधता में एकता और परस्पर प्रेम का अद्भुत प्रतीक है। उनके परिवार में बैल नंदी, माता पार्वती, गणेश जी, कार्तिकेय जी तथा विभिन्न जीव-जंतु अपने स्वाभाविक विरोधी संबंधों के बावजूद एक साथ दिखाई देते हैं। शिव के गले का सर्प, गणेश जी का वाहन मूषक, कार्तिकेय जी का वाहन मयूर और नंदी—ये सभी हमें सिखाते हैं कि प्रकृति में विविधता के बावजूद सह-अस्तित्व और प्रेम संभव है।
उन्होंने आगे कहा कि भगवान शिव का त्रिशूल शक्ति और संतुलन का, मस्तक पर विराजमान चंद्रमा शीतलता का, जटाओं में प्रवाहित मां गंगा पवित्रता एवं जीवनदायिनी शक्ति का तथा तीसरा नेत्र विवेक और अंतर्दृष्टि का प्रतीक है। देव, गंधर्व, किन्नर और सामान्य जन—सभी के लिए शिव समान रूप से आराध्य हैं। यही उनकी व्यापकता और लोककल्याणकारी स्वरूप है।महादेव प्रकृति की गोद में साधना में लीन रहने वाले ऐसे आराध्य हैं, जिनके जीवन-दर्शन में मानवता, करुणा, समरसता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश निहित है। आज जब समाज में तनाव, प्रतिस्पर्धा और भौतिकता बढ़ रही है, तब भगवान शिव का त्याग, संयम और सरलता का संदेश और भी प्रासंगिक हो गया है।
उन्होंने श्रावण मास की अंतिम सोमवारी पर सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे भगवान शिव की पूजा-अर्चना के साथ उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारें तथा समाज में प्रेम, भाईचारा, सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लें।
डॉ. प्रेम कुमार ने प्रार्थना की कि बाबा भोलेनाथ सभी देशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्य प्रदान करें तथा बिहार को प्रगति और विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ने की शक्ति दें।

 

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