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किशनगंज एयरपोर्ट विस्तार को मिली रफ्तार, 150 रैयतों को नोटिस जारी, एक माह में भू-अर्जन का लक्ष्य

किशनगंज, 04 अगस्त (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, खगड़ा स्थित किशनगंज एयरपोर्ट के रनवे विस्तार की प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य सरकार द्वारा परियोजना की अधिसूचना जारी किए जाने के बाद जिला प्रशासन ने भूमि की पैमाइश कर अधिग्रहण योग्य जमीन एवं प्रभावित रैयतों की पहचान पूरी कर ली है। भू-अर्जन विभाग ने 150 चिह्नित रैयतों को नोटिस जारी कर एक माह के भीतर दावा-आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया है। इसके बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

एयरपोर्ट के रनवे विस्तार के लिए कुल 24.70 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। इसमें पूर्वी हिस्से में स्थित बीएसएफ की करीब आठ एकड़ भूमि का हस्तांतरण किया जाएगा, जबकि शेष भूमि रैयतों से अधिग्रहित की जाएगी। प्रभावित भू-स्वामियों को भूमि की प्रकृति के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा।

वर्तमान में किशनगंज एयरपोर्ट का रनवे 900 मीटर लंबा है, जिस पर केवल हेलीकॉप्टर और छोटे चार्टर विमान ही उतर सकते हैं।विस्तार के बाद रनवे की क्षमता बढ़ने से बड़े विमान तथा आवश्यकता पड़ने पर सैन्य विमान भी यहां उतर सकेंगे।

योजना के तहत रनवे की पूर्व दिशा में 700 मीटर लंबाई एवं 100 मीटर चौड़ाई का विस्तार किया जाएगा, जिसके लिए 17.29 एकड़ भूमि का अधिग्रहण एवं हस्तांतरण प्रस्तावित है। वहीं पश्चिम दिशा में रनवे को 300 मीटर लंबा एवं 100 मीटर चौड़ा किया जाएगा, जिसके लिए 7.41 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जाएगी।

भूमि अधिग्रहण के प्रथम चरण के लिए 5.45 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर भू-अर्जन विभाग सिविल एविएशन विभाग से अतिरिक्त राशि की मांग करेगा।

परियोजना के तहत रनवे विस्तार के अलावा एयरपोर्ट की चहारदीवारी की मरम्मत, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टावर तथा आधुनिक टर्मिनल भवन के निर्माण का भी प्रस्ताव है। भविष्य में यहां से नियमित हवाई सेवा शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। इसके शुरू होने पर जिले के लोगों को पूर्णिया, बागडोगरा अथवा कोलकाता हवाई अड्डे पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। साथ ही व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी विस्तारित रनवे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अक्षयवट तिवारी ने बताया कि चिह्नित रैयतों से भूमि संबंधी दस्तावेज मांगे गए हैं। सत्यापन के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि बीएसएफ की भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया भी जारी है और एक माह के भीतर भू-अर्जन का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

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