एक नए, समृद्ध, शक्तिशाली और विकसित भारत की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने वाला बजट है, जिसमें प्रधानमंत्री जी का विजन ‘सबका साथ सबका विकास’ स्पष्ट तौर पर दिखाई दे रहा है – चिराग पासवान

विशेष प्रतिनिधि सागर कुमार की रिपोर्ट
लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री चिराग पासवान ने बजट 2023 की सराहना करते हुए इसे समावेशी बजट बताया है। पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी और वित्तमंत्री आदरणीय श्रीमती निर्मला सीतारमन जी को बधाई देते हुए श्री पासवान ने कहा कि यह एक नए, समृद्ध, शक्तिशाली और विकसित भारत की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने वाला बजट है, जिसमें प्रधानमंत्री जी का विजन ‘सबका साथ सबका विकास’ स्पष्ट तौर पर दिखाई दे रहा है।
श्री चिराग ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल मार्गदर्शन और केंद्रीय वित्त मंत्री आदरणीय श्रीमती निर्मला सीतारमन जी के नेतृत्व में तैयार किया गया 2023-24 का बजट आम आदमी की आकांक्षाओं और आशाओं को पूरा करने वाला साबित होगा।
श्री चिराग ने कहा कि यह एक ऐसा बजट है, जो समावेशी है, जिसमें हर वर्ग का ख़्याल रखा गया है। बजट में हाशिये पर खड़े लोगों के साथ अर्थव्यवस्था में सबसे ज्यादा योगदान करने वाले मिडिल क्लास का भी ध्यान रखा गया है।
श्री चिराग ने कहा कि इस बजट में आम आदमी का पूरा-पूरा ख्याल रखा गया है। बजट के माध्यम से माननीय वित्त मंत्री जी ने करदाताओं को बड़ा तोहफ़ा दिया है, जिसमें 7 लाख तक की आय पर अब आयकर नहीं देना पड़ेगा। जो लोग आयकर देते हैं इनके आयकर स्लैब को 5 स्लैब में बांटा गया है और ऐसे बदलाव किये गए ताकि ज्यादा पैसे आपकी जेब में जा सकें।
श्री चिराग ने कहा कि इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ज़ोर दिया गया है। पूंजीगत निवेश 10 फीसदी बढ़ाकर कुल 33 लाख करोड़ का कर दिया गया है यानी कि सकल घरेलू उत्पाद का 3.3þ अगर आधारभूत संरचना पर फोकस किया गया तो निवेश बढ़ाने और नौकरियां सुनिश्चित करने में ये कदम सहायक होगा ।
श्री चिराग ने कहा कि एमएसएमई सेक्टर को अगर देखे तो क्रेडिट गारंटी योजना को और बढ़ाया जायेगा साथ ही एमएसएमई को 1þ सस्ती दर पर ऋण देने के लिए नई योजना और युवाओं के लिए नौकरियों की व्यवस्था करने में ये कदम सहायक होगा। जिनके पास अपना घर नहीं है उनके लिए यह बजट खास है, जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना के आवंटन में 66þ बढ़ोतरी कर इसे ₹79,000 करोड़ कर दिया गया है।
श्री चिराग का मानना है कि मौजूदा परिस्थिति में इससे बेहतर बजट नहीं हो सकता, जिसमें आम आदमी के साथ देश की अर्थव्यस्था का भी ख्याल रखा गया है।.


