यूपी के नोएडा से जो सोना विदेशो में गहने बना कर भेजा जाना था,उस सोने को काले धन को सफेद करने में इस्तेमाल किया जा रहा था,डीआरआई यानि डायेरेक्ट्रेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस ने नोएडा की लाल महल लिमिटेड कंपनी पर छापा मारकर भारी मात्रा में कालाधन पकड़ने का दावा किया है ।डीआरआई ने 140 करोड़ के काले धन को सफेद करने के मामले का पर्दाफाश किया है।छापे के दौरान 15 किलो सोने के आभूषण, 80 किलो चाँदी और ढाई करोड़ रुपये की नगदी बरामद हुई है. छापे की खबर मिलने पर कंपनी के निदेशक अस्पताल में भर्ती हो गए हैं. डीआरआई जल्द ही इस मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार कर सकती है,नोएडा के विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) में बनी लाल महल लिमिटेड कंपनी पर छापा पड़ा है।डीआरआई को सूचना मिली थी कि इस कंपनी को जिस सोने से आभूषण बना कर विदेश भेजना था,नोटबंदी के बाद इस कंपनी ने लगभग 430 किलो सोना कालेधन के सौदागरों को बेच कर उनका धन सफेद करा दिया ।ये कंपनी कहने को तो आभूषण निर्यातक कंपनी है यानि विदेशों से जो सोना,आभूषण बनाने के लिए ये कंपनी मंगाती है।उसपर इसे कोई टैक्स नहीं देना पड़ता यानि जीरो टैक्स पर इस कंपनी को विदेशों से सोना मिल जाता है।यही सोना अगर आप और हम मंगाते हैं तो हमको आपको 27 प्रतिशत का टैक्स देना पड़ता है।डीआरआई के मुताबिक छापे के दौरान इस कंपनी से 15 किलो सोने के आभूषण,80 किलो चाँदी की छड़ें और लगभग ढाई करोड़ की नगदी मिली है।जिसमें 12 लाख रुपये के नए नोटों के रूप में हैं।डीआरआई का कहना है कि नोटबंदी के बाद इस कंपनी ने अपनी एक संबंधित फर्म को बड़े पैमाने पर आरटीजीएस के जरिए पैसा भेजा था।उसी पैसे से सरकारी कंपनी एमएमटीसी से सोना भी मंगाया गया था।लेकिन,जो सोना विदेशों में भेजा जाना था उस सोने को यही काले धन के सौदागरों को बेच दिया गया।डीआरआई जांच कर रहा है कि ये सोना किन लोगों को बेचा गया और किस दाम पर बेचा गया।इस कंपनी के दो निदेशक छापा पड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती हो गए।जांच एजेंसी ने इस मामले में कई लोगों से पूछताछ कर रही है और जल्द ही कुछ लोगों को गिरफ्तार किया जा सकता है।इसके पहले 19 दिसंबर को भी नोएडा के इसी क्षेत्र में डीआरआई ने महालक्ष्मी ज्वैलर्स पर छापामार कर एक घोटाले का पर्दाफाश किया था….।।