माँ बाप अपने बच्चों को समय दें, मोबाइल कम और पढ़ाई के साथ खेलकूद करने जरूर बोले: डीएसपी अमर…

रांची//नामकुम थाना क्षेत्र के मौलाना आजाद कालोनी से 8 सितम्बर 2026 को लापता हुए सोलह वर्षीय बच्चे को रांची पुलिस ने 11 सितम्बर 2026 को धनबाद गिरीडीह जानें वाली ट्रेन से सकुशल बरामद किया, इस अवसर झारखंड प्रदेश जमीयतुल कुरैश के प्रदेश अध्यक्ष सह झारखंड आंदोलनकारी मुजीब कुरैशी द्वारा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था जिसमें रांची पुलिस को बूके देकर शाॅल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। मौके पर वरीय पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय प्रथम अमर पांडेय ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब हम सब बच्चे थे और घर पर डांट या मार पड़ती थी तो घर के किसी कोने में बैठ कर रोते थे या फिर बगल के घर में या पड़ोसी के यहां या फिर अपने रिश्तेदार के यहां चले जाते थे, लेकिन अपने मोहल्ले या गांव से बाहर कभी नहीं जाते थे, लेकिन वर्तमान समय में सोशल मीडिया, मोबाइल, फेसबुक और विभिन्न तरह के मोबाइल गेम्स बच्चों को प्रभावित कर रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ रोजमर्रा की जिंदगी में मां-बाप को भी बहुत समय नहीं मिल पा रहा है। अपने बच्चों को वह समय नहीं दे पा रहें है या किसी कारणवश छोटी सी बात पर जिद कर रहे बच्चे को अगर मां-बाप, भाई, बहन डांट देते हैं जिस कारण से आज वर्तमान की स्थिति में बच्चे घर से बाहर बिना किसी को कुछ बताए भाग जाते हैं। बता दे कि नामकुम थाना क्षेत्र में 8 सितंबर 2026 को भी कुछ इसी तरह का मामला सामने आया।समय रहते सनहा दर्ज होने से पहले ही जो सोशल साइट्स में फोटोस और उसकी जानकारी उपलब्ध कराई गई थी, उसी के माध्यम से रांची पुलिस ने अपना काम शुरू कर दिया था। हालांकि तीन दिन बाद यानी चौथे दिन बच्चा सकुशल बरामद भी कर लिया गया, तो आप सभी अपने बच्चों पर ध्यान दीजिए और उसके साथ समय बिताइए, ताकि बच्चे और माता-पिता का रिश्ता में मजबूती रहे। बहुत छोटे बच्चे मेले में लेकर जा रहे हैं या कहीं भीड़भाड़ वाले इलाके में जा रहे है तो उसके पाॅकेट में मोबाइल नंबर और पता जरूर डालें, ताकि किसी कारण से बच्चा अगर कहीं गुम हो जाए तो उसके पॉकेट से आपका पता है या मोबाइल नंबर मिले, जिससे संपर्क किया जा सके। साथ ही नशा को लेकर भी जागरूक होने की भी जरूरत है, क्योंकि इस क्षेत्र में (मौलाना आजाद कॉलोनी में) दो लोग नशा के कारण आत्महत्या कर लिए, फिर नशा के कारण गोली भी चली, नशा आज सिर्फ एक वर्ग या एक समुदाय के लोग नहीं कर रहे हैं, बल्कि नशा हर वर्ग, हर समुदाय, अमीर, गरीब पढ़ने वाले युवा भी कर रहे हैं और यह सिर्फ पुलिस के माध्यम से नहीं बल्कि समाज के सहयोग से खत्म होगा और इसके लिए समाज को आगे आना होगा। गली ,मोहल्ले में जागरूकता अभियान चलाना होगा। अपने बच्चों को अपने परिवार के सदस्यों की निगरानी रखनी होगी , उसके अच्छे और बुरे को भी गंभीरता से लेना होगा, तभी हम नशा को जड़ से खत्म कर सकेंगे । हर अपराध और अड्डेबाजी का कारण नशा है इस पर अंकुश लगाना जरूरी है। वहीं गुमशुदा बच्चे के केस आइओ के रूप में काम कर रहे नामकुम थाना के एएसआई टीपी केसरी ने बताया कि माता-पिता को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और बच्चों को भी चाहिए कि वह अपने माता-पिता को समझे कि उनकी परिस्थिति क्या है। बहुत छोटे बच्चे जो बोल नहीं पाते हैं उसके मां-बाप को काफी ध्यान पूर्वक उसे मोबाइल और सोशल साइट से थोड़ा सा दूरी बनाना होगा, पढ़ने लिखने और खेलकूद में ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है । वहीं वार्ड 11 की पार्षद आलिया नाज ने कहा कि बच्चा जिस दिन से गायब हुआ था पूरे क्षेत्र में मायूसी छाई हुई थी और सभी दुआ कर रहे थे और रांची पुलिस ने भी काफी मेहनत की और चार दिन बाद बच्चे को पुलिस खोजने में सफल रही। झारखंड प्रदेश जमीयतुल कुरैश के प्रदेश अध्यक्ष सह झारखंड आंदोलन कारी मुजीब कुरैशी ने बताया कि वे 2018- 19 से नशे के खिलाफ नशा मुक्त जागरुकता अभियान चला रहे हैं और इस अभियान को काफी सराहा गया है, उम्मीद करते हैं कि आप लोग फिर से इस मुहिम को आगे बढ़ाने में सहयोग करेंगे। वही मन्च का संचालन परवेज कुरैशी ने किया और धन्यवाद ज्ञापन झारखंड पुलिस एसोसिएशन के उपाध्यक्ष महताब आलम ने की । इस मौके पर नामकुम थाना के सब इंस्पेक्टर शशि रंजन सहित कांटा टोली, मौलाना आजाद कालोनी, चिश्तीया नगर, इदरीश कालोनी, कुरैशी मुहल्ला, रमजान कालोनी, कांटा टोली चौक, आदि क्षेत्रों के गणमान्य व समाजसेवी मो. हसीब, इरफान कुरैशी, अवेश कुरैशी मुन्ना, मौलाना अब्दुस सलाम, मौलाना मंजूर हसन बरकाती, मो.मुस्तफा , मो.आसीफ, मो. रुस्तम, इम्तियाज मुन्ना, शहजाद , औरंगज़ेब खान, राउप, भोलू, अफरोज लड्डन, अफताब, राजू कुरैशी, फेकू कुरैशी, मोइनुद्दीन कुरैशी, समीम कुरैशी, उरुब, दानिश सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए।



