केंद्र सरकार किसानों को बढ़ाने और बिहार सरकार बरगलाने का काम कर रही : डॉ संजय जायसवाल

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केंद्र सरकार किसानों को बढ़ाने और बिहार सरकार बरगलाने का काम कर रही : डॉ संजय जायसवाल

पटना में आयोजित स्वामी सहजानंद सरस्वती जयंती समारोह सह किसान मजदूर समागम में माननीय गृह मंत्री अमित शाह होंगे मुख्य अतिथि : विवेक ठाकुर

पटना, 21 जनवरी । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार जहां किसानों को बढ़ाने का काम कर रही है वहीं बिहार सरकार किसानों को बरगलाने का काम कर रही है।

पटना के चाणक्य होटल में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि आज पूरे बिहार के किसी भी जिले में उर्वरक की कोई कमी नहीं है लेकिन बिहार सरकार कमी का रोना रो रही है। इस संवाददाता सम्मेलन को भाजपा के सांसद विवेक ठाकुर ने भी संबोधित किया।

श्री जायसवाल ने कहा कि बिहार में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा की सत्ता में आने के बाद बंद उर्वरक कारखानों को फिर से शुरू करवाया गया। उन्होंने बिहार के कृषि मंत्री के उर्वरकों की कमी पर पलटवार करते हुए कहा कि कृषि मंत्री केवल यह बता दें कि पिछले 90 दिनों के अंदर आपके स्टॉक में 15 लाख बोरा से कम यूरिया हो। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के कहने पर विभाग के प्रधान सचिव भी झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज भी बिहार में 20 लाख बोरा से ज्यादा यूरिया उपलब्ध है। उन्होंने बिहार सरकार से निवेदन करते हुए कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती के जयंती के मौके पर किसानों को उर्वरकों की कोई कमी नहीं हो इसका ख्याल रखे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का काम रैक प्वाइंट तक उर्वरक पहुंचाने का है, उसका वितरण करना राज्य सरकार का काम है।

उन्होंने जदयू नेता उपेंद्र कुशवाहा के भाजपा में आने की फिलहाल कोई वार्ता होने की चर्चा को भी नकार दिया।

इधर, भाजपा के सांसद श्री ठाकुर ने कहा कि आगामी 22 फरवरी को सुबह 11 बजे पटना के बापू सभागार में स्वामी सहजानंद सरस्वती जयंती समारोह सह किसान मजदूर समागम का आयोजन किया जा रहा है। इस समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

भाजपा सांसद विवेक ठाकुर ने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती की कर्मस्थली बिहार रही। उन्होंने कहा कि सरस्वती ने 1927 में उन्होंने किसान सभा की स्थापना की और उसका केंद्र पटना के बिहटा को बनाया, वहीं से उन्होंने किसान आंदोलन को संचालित किया। बिहटा स्थित उनके आश्रम में सुभाष चन्द्र बोस भी इनसे मदद मांगने आए थे।

उन्होंने हाल के दिनों में राकेश टिकैत के बिहार दौरे पर तंज कसते हुए साफ लहजे में कहा कि बिहार को किसी फर्जी किसान की जरूरत नहीं है, यह स्थल खुद क्रांति स्थली रही है।

उन्होंने कहा कि किसानों के नाम का आज तक उपयोग और दुरुपयोग होता रहा है लेकिन किसी ने किसानों की चिंता नहीं की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की पहली बार चिंता की।

विवेक ठाकुर ने कहा यह बहुत दुखद है कि किसान आंदोलन के जनक तथा भारत की आजादी में अहम योगदान होने के बावजूद युग पुरुष को गुमनामी के अंधेरे में धकेल दिया गया। बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी स्वामीजी को आधुनिक इतिहास में उचित स्थान नहीं दिया गया, जबकि धर्म‚ समाज सुधार और राजनीति को लेकर आधुनिक भारत के निर्माण में अभूतपूर्व योगदान है।

धर्म और समाज सुधार के क्षेत्र में उनका योगदान वैसा ही है‚ जो दयानन्द और विवेकानन्द का है। समाज सुधार में सहजानन्द के अर्थपूर्ण हस्तक्षेप के लिए राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर ने उन्हें ‘दलितों का सन्यासी’ कहा है। स्वामी सहजानंद सरस्वती के राजनीतिक कद को समझने के लिए सुभाष चंद्र बोस का यह कथन महत्वपूर्ण है कि ‘साबरमती आश्रम में मैंने खादी धोती पहने कई सन्यासी को देखा परंतु भारत का सच्चा सन्यासी मुझे पटना के बिहटा स्थित सीताराम आश्रम में मिला।

विवेक ठाकुर ने कहा यह बहुत दुखद है कि देश के सबसे बड़े किसान नेता स्वामी सहजानंद सरस्वती जी की जयंती और पुण्यतिथि पर बिहार में कोई भी राजकीय कार्यक्रम आयोजित नहीं की जाती है। यहां तक कि बिहार सरकार द्वारा बनाई गई डायरी व कैलेंडर में उनकी जयंती और पुण्यतिथि तक चिन्हित नहीं है। 75 वर्ष बाद स्वामी सहजानंद सरस्वती जी की हिंदी में लिखी पुस्तक ‘मेरा जीवन संघर्ष’ का अंग्रेजी में अनुवाद किया गया है। 20 वर्ष की निजी प्रयास व मेहनत से अंग्रेजी में अनुवादित होकर यह पुस्तक ‘माई लाइफ स्ट्रगल’ के नाम से आई है। पुस्तक अनुवादक कैलाश झा और वाल्टर हाउजर ने कहा की यह उनकी आत्मकथा नहीं बल्कि संस्मरण है। उन्होंने कहा यह दुख की बात है की जिस तरह गांधी‚ तिलक‚ नेहरु‚ बोस और पटेल आदि को देश के लोग जानते हैं उस तरह से स्वामी सहजानंद सरस्वती को नहीं जानते जबकि वह देश के सबसे बड़े किसान नेता रहे हैं।

विवेक ठाकुर ने कहा कि साथ ही बिहार सरकार बंद पड़े बिहटा बाजार समिति को बिहार के किसानों का सबसे बड़ा सहायता केंद्र हेतु विशाल भूखंड को केंद्र सरकार के कृषि विभाग को सौंप दे ताकि उत्कृष्टम किसान केंद्र स्वामीजी के नाम पर उसे निर्मित किया जाय। साथ ही बिहटा का नामकरण स्वामी सहजानंद सरस्वती नगर किया जाय, जिस तरह नोएडा का गौतम बुद्ध नगर किया गया।

विवेक ठाकुर ने कहा की किसानों के प्रति संवेदना आजतक राजनीति में सबों ने कि, खासकर समाजवादियों ने लेकिन उनके उत्थान के लिए कुछ नहीं किया। नारा से ऊपर उठकर भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किसान सम्मान निधि लाकर किसानों की चिंता सीधे की। जो यूरिया पहले विभिन्न इंडस्ट्री में पूरी तरह काला बाजारी होता था, उसे नीम कोटेड किया। देश के 80 करोड़ गरीब मजदूर परिवारों को मुफ्त राशन मिला। प्रधानमंत्री ने इस कठिनतम दौर में प्रथम बार एक विश्वास का सहारा दिया है जो अनुकरणीय है और संवेदनशीलता का मिसाल है।

विवेक ठाकुर ने कहा वही बिहार के मुख्यमंत्री अपने नए यात्रा का नाम समाधान यात्रा रखे हैं। वे बक्सर गए और आनन फानन में घूमकर निकल गए। चौसा के बेबस किसान बैठे रह गए, यही है समाधान यात्रा और यही है समाज में किसान की पहचान।

भाजपा सांसद विवेक ठाकुर ने कहा की स्वामी सहजानंद सरस्वती के अनुयायी जाग रहे हैं और किसान रूपी भगवान अपना असली रूप ऐसे गैर संदेनशील नेताओं और सरकार को जल्द दिखाएगी। बिहार क्रांति स्थली है और फर्जी किसान नेता जैसे टिकैत की कोई आवश्यकता नहीं है।

विवेक ठाकुर ने कहा की किसान-मजदूर की समस्या और संबंधित सभी विषयों पर आगामी 22 फरवरी को पटना के बापू सभागार में विशाल एकत्रीकरण के साथ भारत के यशस्वी गृह व सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह स्वामीजी को श्रद्धांजलि अर्पित कर सीधा किसान संवाद करेंगे। ज्ञात हो उस दिन गृह मंत्री सहित सभी मंचस्थ नेताओं को भेंट स्वरूप किसान का प्रतीक हल दिया जाएगा।

इस प्रेस वार्ता में बिहार भाजपा प्रदेश महामंत्री श्री सुशील चौधरी, प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक (गोह) मनोज शर्मा, विवेकानंद पासवान , प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश कुमार सिंह , अशोक भट्ट, राजेश कुमार झा इत्यादि लोग मौजूद रहे।