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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के कार्यों की समीक्षा की, अनुदान की राशि ₹2000 से ₹3000 प्रतिमाह किए जाने का निर्णय भी लिया

नवेंदु मिश्र

लखनऊ – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने  लखनऊ में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए मानसिक मंदित एवं निराश्रित दिव्यांगजनों के लिए संचालित आश्रय गृह सह प्रशिक्षण केंद्रों एवं ‘हाफ वे होम’ में रहने वाले संवासियों के भरण-पोषण हेतु प्रति संवासी अनुदान राशि ₹2,000 से बढ़ाकर ₹3,000 प्रतिमाह किए जाने का निर्णय लिया।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि आश्रय गृहों में रहने वाले मानसिक मंदित एवं निराश्रित दिव्यांगजन पूरी तरह संस्थागत देखभाल पर निर्भर होते हैं। उन्हें पौष्टिक भोजन, समुचित स्वास्थ्य देखभाल एवं गरिमापूर्ण जीवन उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री  ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद में नियमित रूप से दिव्यांगजन सहायक उपकरण वितरण शिविर आयोजित किए जाएं तथा पात्र दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।

मुख्यमंत्री  ने श्रवण बाधित बच्चों का शीघ्र चिह्नांकन कर समयबद्ध कॉक्लियर इम्प्लांट तथा उपचार के बाद उनके समुचित पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की योजनाओं का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सम्मानजनक, सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराना है। सामाजिक, आर्थिक, चिकित्सकीय, भौतिक एवं शैक्षिक पुनर्वास से जुड़ी सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री  ने विशेष विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रशिक्षित मानव संसाधन, आधुनिक सुविधाओं एवं बाधारहित वातावरण विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुसार शिक्षकों की समयबद्ध तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई किसी भी स्तर पर प्रभावित न हो।

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