किशनगंज : लोहे की खंती से साथी की हत्या करने वाले चंदन मल्लिक को कठोर आजीवन कारावास
मिलनपल्ली में किराये के कमरे में हुई थी सफाईकर्मी राजकुमार मरीक की हत्या, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने लगाया 10 हजार रुपये का जुर्माना
किशनगंज, 07 नवंबर (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, शहर के मिलनपल्ली में किराये के कमरे में सफाईकर्मी की लोहे की खंती से हमला कर हत्या करने के मामले में न्यायालय ने कड़ा फैसला सुनाया है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश नम्रता तिवारी की अदालत ने हत्या के दोषी चंदन मल्लिक को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 10 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर दोषी को तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
7 फरवरी 2024 को हुई थी सनसनीखेज वारदात
मामला किशनगंज थाना कांड संख्या 50/2024 और सत्र वाद संख्या 113/2024 से जुड़ा है। घटना 7 फरवरी 2024 की है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, किशनगंज शहर के मिलनपल्ली स्थित शिवनाथ मल्लिक के मकान में चंदन मल्लिक और सफाईकर्मी राजकुमार मरीक किराये के दो कमरों में साथ रहते थे।
घटना के दिन शाम करीब सात बजे मकान में किराये पर रहने वाली वीणा ने शोर मचाया कि चंदन मल्लिक, राजकुमार मरीक के साथ मारपीट कर रहा है। शोर सुनकर सूचक विकास कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने चंदन मल्लिक को घटनास्थल से भागते हुए देखा। जब वे कमरे के पास पहुंचे तो राजकुमार मरीक गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े थे। उनके चेहरे पर लोहे की खंती से हमला किया गया था। इस हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
10 गवाहों की गवाही बनी सजा का आधार
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक प्रणव कुमार ने न्यायालय में कुल 10 गवाहों के बयान प्रस्तुत कराए। अभियोजन की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने चंदन मल्लिक को हत्या का दोषी पाया। इसके बाद न्यायालय ने उसे कठोर आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
न्यायालय के इस फैसले को शहर में हुई हत्या के मामले में महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय माना जा रहा है। दो साल नौ महीने बाद आए इस फैसले में अदालत ने हत्या के दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाकर कड़ा संदेश दिया है।



