*बच्चों ने बड़े पर्दे पर देखी राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित फिल्में*

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/पटना। कला एवं संस्कृति विभाग के अंतर्गत बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम के द्वारा आज पटना संग्रहालय में बाल फिल्म महोत्सव 2026 का आयोजन किया गया। इस मौके पर फिल्म निगम के प्रबंध निदेशक श्री प्रणव कुमार एवं महाप्रबंधक श्रीमती रूबी के मार्गदर्शन में पटना के विभिन्न स्कूलों के बच्चों के बीच दो बाल फिल्में ‘छुटकन की महाभारत’ और ‘अभय’ का प्रदर्शन किया गया।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित हिन्दी फिल्म ‘छुटकन की महाभारत’ के प्रदर्शन में स्थानीय राजकीय कन्या मध्य विद्यालय की 100 से अधिक छात्राएं शामिल हुईं।
स्थानीय देवीपद चौधरी शहीद स्मारक (मिलर) उच्च माध्यमिक विद्यालय और बांकीपुर बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं को ऑस्कर वाइल्ड की प्रसिद्ध कहानी ‘द कैंटरविले घोस्ट’ पर आधारित हिंदी फिल्म ‘अभय’ दिखाई गई। नाना पाटेकर अभिनीत इस बाल फिल्म को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। इस फिल्म के संगीतकार विशाल भारद्वाज और निर्देशक अन्नू कपूर हैं।
बिहार फिल्म निगम के परामर्शी (फिल्म) अरविंद रंजन दास ने कहा कि बाल फिल्म महोत्सव का उद्देश्य राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित बाल फिल्मों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। बड़े पर्दे पर समूह के साथ फिल्में देखने से बच्चों में संदेशप्रद फिल्में देखने के प्रति रुझान बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि बिहार में फिल्म निर्माण के लिए सकारात्मक माहौल बनाने के लिए फिल्म निगम की ओर से विभिन्न मौकों पर प्रशंसित फिल्मों की स्क्रीनिंग की जाती है। दर्शकों में अच्छी फिल्मों के प्रति रुझान पैदा करने से ऐसी फिल्मों के निर्माण को बढ़ावा मिलता है।
मिलर हाई स्कूल के 11वीं के छात्र रविशंकर ने कहा कि फिल्म ‘अभय’ से सीख मिलती है कि विनम्रता से ही किसी का दिल जीता जा सकता है और हमें विनम्र होना चाहिए। छात्र हरिओम ने कहा “जो दूसरों को डराता है वो खुद डरा रहता है, नहीं तो वह क्यों डराता।”
बांकीपुर गर्ल्स स्कूल की छात्रा निशा ने कहा कि यह फिल्म हमें सिखाती है कि नफ़रत को प्यार से ही जीता जा सकता है।
कार्यक्रम में फिल्म निगम के परामर्शी (वित्त एवं लेखा) विद्याधर मिश्र, परामर्शी (संचार) कुमार गौरव, सहायक प्रबंधक उत्तम ज्योति नारायण, शंभूशरण द्विवेदी, लीला प्रसाद, रीना, विवेक, अमित रंजन और विद्यालयों के शिक्षकगण शामिल रहे।
