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किशनगंज : रमजान नदी के संरक्षण को लेकर सांसद ने NMCG को लिखा पत्र

NMCG महानिदेशक को पत्र भेजकर सीमांकन और प्राकृतिक प्रवाह बहाल करने का किया आग्रह

किशनगंज, 26 सितंबर (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आजाद ने नगर क्षेत्र से होकर गुजरने वाली ऐतिहासिक रमजान नदी के संरक्षण, अतिक्रमणमुक्ति, भौतिक सीमांकन एवं सौंदर्यीकरण का मुद्दा उठाया है। उन्होंने इस संबंध में राष्ट्रीय मिशन फॉर क्लीन गंगा (NMCG) के महानिदेशक को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है। NMCG जल शक्ति मंत्रालय के अधीन नदी संरक्षण एवं पुनर्जीवन से जुड़े कार्य करता है।

सांसद ने पत्र में कहा है कि पिछले करीब दो दशकों में रमजान नदी के बहाव क्षेत्र में लगातार अतिक्रमण होने से इसका प्राकृतिक स्वरूप प्रभावित हुआ है। नदी का बहाव क्षेत्र संकुचित होने के कारण इसका स्वरूप काफी हद तक नाले जैसा हो गया है। इससे मानसून के दौरान जलजमाव और बाढ़ की समस्या उत्पन्न होने की आशंका बनी रहती है। सांसद ने नदी के वास्तविक बहाव क्षेत्र का भौतिक सीमांकन कराने तथा दोनों किनारों के मैदानी क्षेत्र को अतिक्रमण से मुक्त कराने की आवश्यकता बताई है।

किशनगंज सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आजाद ने रमजान नदी के अस्तित्व और प्राकृतिक प्रवाह को बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। साथ ही डोंक नदी से रमजान नदी के संपर्क और प्रवाह को पुनर्स्थापित करने की दिशा में भी कार्रवाई का आग्रह किया है। उन्होंने नदी संरक्षण के साथ नगर क्षेत्र में इसके सौंदर्यीकरण की योजना तैयार करने की मांग की है।

गौर करे कि रमजान नदी का मुद्दा सांसद डॉ० मोहम्मद जावेद आजाद ने पूर्व में भी संसद में उठा चुके हैं। 2024 में उन्होंने नदी के पुनर्जीवन, अतिक्रमण हटाने और सौंदर्यीकरण के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने की मांग की थी।

सांसद ने कहा कि रमजान नदी किशनगंज की ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका संरक्षण और प्राकृतिक स्वरूप बहाल करना शहर के पर्यावरण तथा भविष्य की पीढ़ियों के लिए जरूरी है।

dharmendra singh

धर्मेन्द्र सिंह प्रिंट माध्यम में 17 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 10 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं।राजनीतिक, सामाजिक व अपराध की खबरों में विशेष रूचि है।

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