ठाकुरगंज : मालिनगांव जाने वाले रास्ते के रेलवे अंडरपास में घुटने भर पानी, रात में हर कदम पर हादसे का डर

ठाकुरगंज, 23 सितंबर (के.स.)। फ़रीद अहमद, बारिश के मौसम में ठाकुरगंज प्रखंड के मालिनगांव जाने वाले मार्ग पर स्थित रेलवे अंडरपास राहगीरों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बन गया है। अंडरपास में जलजमाव की समस्या ने ऐसा विकराल रूप ले लिया है कि यहां से गुजरना लोगों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। लोगों के अनुसार अंडरपास में लंबे समय तक करीब घुटने भर पानी जमा रहता है।
सबसे गंभीर स्थिति यह है कि जलजमाव के साथ-साथ अंडरपास की सड़क भी कई जगह जर्जर और गड्ढों से भरी बताई जा रही है। पानी भर जाने के बाद सड़क पर बने गड्ढे दिखाई नहीं देते। ऐसे में राहगीरों और वाहन चालकों को यह अंदाजा नहीं हो पाता कि पानी के नीचे सड़क कितनी गहरी है और कहां कितना बड़ा गड्ढा मौजूद है।
पानी के नीचे छिपे गड्ढे, ऊपर से गुजरती जिंदगी
दिन के उजाले में लोग किसी तरह रास्ते की स्थिति को देखकर अंडरपास पार कर लेते हैं, लेकिन रात होते ही समस्या और गंभीर हो जाती है। अंधेरे में जलजमाव और गड्ढों का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए विशेष रूप से खतरा बना रहता है।
लोगों का कहना है कि पानी के नीचे छिपे गड्ढे कभी भी वाहन का संतुलन बिगाड़ सकते हैं। यदि किसी दोपहिया वाहन का पहिया अचानक गहरे गड्ढे में चला जाए तो दुर्घटना की स्थिति पैदा हो सकती है। यही वजह है कि रात के समय इस अंडरपास से गुजरने वाले लोगों के बीच लगातार अनहोनी की आशंका बनी रहती है।
बारिश आते ही सामने आ जाती है व्यवस्था की तस्वीर
बारिश के दौरान जलजमाव की यह समस्या कोई सामान्य परेशानी नहीं रह जाती। यह सीधे तौर पर आवागमन और सड़क सुरक्षा से जुड़ा सवाल बन जाती है। सवाल यह भी है कि यदि अंडरपास में नियमित रूप से पानी जमा होता है तो जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था क्यों नहीं हो पा रही है?
क्या अंडरपास में जलजमाव की समस्या को लेकर संबंधित विभाग को जानकारी है? यदि जानकारी है तो अब तक स्थायी समाधान क्यों नहीं हुआ? और यदि सड़क पर गड्ढे हैं तो उनकी मरम्मत कब होगी?
रात में कौन लेगा जिम्मेदारी?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर रात के समय जलजमाव के बीच कोई वाहन गहरे गड्ढे में फंसकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
मालिनगांव जाने वाले इस मार्ग का इस्तेमाल स्थानीय लोगों द्वारा नियमित रूप से किया जाता है। ऐसे में अंडरपास में जलजमाव, जर्जर सड़क और छिपे हुए गड्ढों की समस्या को केवल बारिश के दिनों की परेशानी मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
लोगों ने संबंधित विभाग से अंडरपास का स्थलीय निरीक्षण कर जलनिकासी की उचित व्यवस्था कराने, गड्ढों की मरम्मत कराने और रात के समय आवागमन को सुरक्षित बनाने की मांग की है।
फिलहाल मालिनगांव जाने वाले इस रेलवे अंडरपास की तस्वीर यही सवाल पूछ रही है-बारिश का पानी कब तक राहगीरों के लिए खतरा बना रहेगा और किसी बड़े हादसे का इंतजार कब तक किया जाएगा?



