किशनगंज : बारिश में मलेरिया का खतरा, सतर्कता से टलेगी गंभीर बीमारी
जनवरी से अब तक जिले में मिले 14 मरीज, सभी का सफल उपचार

किशनगंज, 15 सितंबर (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, बारिश के मौसम में जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों का प्रजनन बढ़ जाता है। इससे मलेरिया समेत अन्य वेक्टर जनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से मच्छरों से बचाव के साथ बुखार होने पर तत्काल जांच कराने की अपील की है।
जिले में जनवरी 2026 से अब तक मलेरिया के कुल 14 मरीज मिले हैं। इनमें पोठिया प्रखंड के 12 और कोचाधामन के दो मरीज शामिल हैं।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सभी मरीजों का सफल उपचार किया जा चुका है। प्रभावित क्षेत्रों में बीमारी की निगरानी के साथ लोगों को मलेरिया से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है।
जिलाधिकारी नवीन कुमार ने लोगों से घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने तथा नियमित साफ-सफाई रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि बुखार आने पर इसे सामान्य मानकर खुद से दवा लेने के बजाय नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करानी चाहिए। समय पर जांच और उपचार से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. मंजर आलम ने बताया कि जिले में मलेरिया की लगातार निगरानी की जा रही है। सदर अस्पताल समेत पीएचसी, एपीएचसी, रेफरल अस्पताल और अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में जांच व उपचार की सुविधा उपलब्ध है। जिला वेक्टर जनित सलाहकार अविनाश रॉय ने बताया कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर मलेरिया की जांच नि:शुल्क की जाती है और पर्याप्त जांच किट उपलब्ध हैं।
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि पुराने टायर, गड्ढों, कूलर, बर्तनों और पानी की टंकियों में जमा पानी मच्छरों के प्रजनन का कारण बन सकता है। लोगों को मच्छरदानी का इस्तेमाल करने, शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने और आसपास स्वच्छता रखने की सलाह दी गई है।
ठंड लगकर बुखार, कंपकंपी, तेज बुखार, पसीना, सिरदर्द और कमजोरी जैसे लक्षण दिखने पर तत्काल मलेरिया की जांच कराने की सलाह दी गई है।



